हिंदी का संघर्ष

15-09-2026

हिंदी का संघर्ष

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

हिंदी का संघर्ष
किसी दूसरी भाषा से युद्ध नहीं है।
 
उसका संघर्ष उस मानसिकता से है
जो अपनी भाषा बोलते हुए झिझकती है।
 
विदेशी शब्दों से हिंदी को भय नहीं, 
पर आत्महीनता से अवश्य है।
 
हिंदी को बचाने के लिए
नारे नहीं, श्रेष्ठ लेखन चाहिए।
 
प्रशासन में सम्मान चाहिए, 
शिक्षा में अवसर और जीवन में स्वाभाविक प्रयोग चाहिए। 

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