नया वर्ष

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 220, जनवरी प्रथम, 2023 में प्रकाशित)

(हाइकु)

 नवीन वर्ष
नया गगन छूता
नया विश्वास। 
 
नया बरस
न कोई रंज मिले
बस हर्ष। 
 
पुराना साल
बस परछाइयाँ
यादों में शेष। 
 
खूँटी से टँगे
कुछ खट्टे मीठे से
बारह मास। 
 
बीतता वर्ष
उम्र का कैलेंडर
रीतता गया। 
 
शिशु सा वर्ष
नयी किलकारियाँ
नया जीवन। 
 
नए महीनें
नए आसमानों को
छूने की आशा। 
 
वृद्ध सदिश
पुराना कैलेंडर
कोने में पड़ा। 
 
विमल वर्ष
अभिनंदन हर्ष
नव उत्कर्ष। 

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