अरे गिलहरी

15-02-2021

अरे गिलहरी

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 175, फरवरी द्वितीय, 2021 में प्रकाशित)

अरे गिलहरी आओ।
नीचे दाना खाओ तुम।
पेड़ों पर चढ़ जाओ तुम।
कभी इधर कभी उधर।
फुदक फुदक कर।
मटक मटक कर।
मेरे मन को भाओ तुम।

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

सम्पादकीय प्रतिक्रिया
आप-बीती
बाल साहित्य कविता
कविता
कहानी
ऐतिहासिक
सांस्कृतिक आलेख
सांस्कृतिक कथा
किशोर साहित्य कहानी
स्वास्थ्य
स्मृति लेख
खण्डकाव्य
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी
नाटक
रेखाचित्र
काम की बात
कविता-मुक्तक
काव्य नाटक
गीत-नवगीत
यात्रा वृत्तांत
हाइबुन
हास्य-व्यंग्य कविता
कविता - हाइकु
अनूदित कविता
चिन्तन
दोहे
एकांकी
कविता - क्षणिका
पुस्तक समीक्षा
गीतिका
लघुकथा
ग़ज़ल
साहित्यिक आलेख
बाल साहित्य लघुकथा
सामाजिक आलेख
व्यक्ति चित्र
सिनेमा और साहित्य
किशोर साहित्य कविता
किशोर साहित्य नाटक
ललित निबन्ध
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में