डिजिटल सम्मान

15-09-2026

डिजिटल सम्मान

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

पाँच सितंबर की सुबह से ही शहर के एक बड़े कॉन्वेंट स्कूल के प्रधानाचार्य का मोबाइल लगातार बधाई संदेशों से बज रहा था। संस्थान के सोशल मीडिया पन्नों पर ‘शिक्षक हमारे राष्ट्र की रीढ़ हैं’ शीर्षक से बड़े-बड़े पोस्टर और रंगीन वीडियो साझा किए जा रहे थे। ट्रस्ट के चेयरमैन ने विद्यालय के सभागार में आयोजित भव्य सभा में घोषणा की कि इस बार शिक्षकों के सम्मान में विशेष सांस्कृतिक संध्या और पाँच सितारा होटल में रात्रिभोज का प्रबंध किया गया है।

समारोह के तुरंत बाद विद्यालय का एकाउंट्स विभाग खुला। सात वर्ष से वहाँ प्राथमिक कक्षाओं को पढ़ा रहीं शिक्षिका अंजलि अपने छोटे बेटे की स्कूल फ़ीस और पिछले तीन महीने से अटके वेतन की अर्जी लेकर क्लर्क की मेज़ के सामने खड़ी थीं। क्लर्क ने बिना सिर उठाए एक नया परिपत्र उनकी तरफ़ बढ़ा दिया जिसमें लिखा था कि वित्तीय संकट के कारण सभी संविदा शिक्षकों के मानदेय में इस सत्र से बीस प्रतिशत की कटौती की जा रही है।

अंजलि ने मेज़ पर रखा शिक्षक दिवस का ग्रीटिंग कार्ड उठाया जिस पर सुनहरे अक्षरों में लिखा था ‘गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागूं पाँय’ और नीचे उसी महीने का बैंक स्टेटमेंट रखा था जिसमें उनका खाता न्यूनतम शेष राशि न होने का जुर्माना दिखा रहा था।

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