आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ

15-02-2026

आओ बच्चों तुम्हें सुनाएँ

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 293, फरवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

​आओ बच्चों कहें कहानी, 
भारत देश महान की। 
यह मिट्टी है बलिदानों की, 
ये धरती अभिमान की। 
वंदे मातरम्‌, वंदे मातरम्‌! 
 
​उत्तर में रखवाला बनकर, 
खड़ा हिमालय पर्वत है, 
दक्षिण में सागर चरणों में, 
मिलता अक्षय अमृत है। 
गंगा-यमुना की लहरों में, 
बहती पावन धारा है, 
कण-कण में भगवान बसे, 
यह देश हमारा प्यारा है। 
वंदे मातरम्‌, वंदे मातरम्‌! 
 
​यहाँ खेत में सोना उगता, 
कहीं खदानें चाँदी की। 
यह धरती है ऋषि मुनियों की, 
और वीर बलिदानी की। 
भगत सिंह, आज़ाद, वीर ने, 
फाँसी को गले लगाया था, 
गाँधी, तिलक, सुभाष सभी ने, 
आज़ादी बिगुल बजाया था। 
वंदे मातरम्‌, वंदे मातरम्‌! 
 
​अलग-अलग हैं वेश-बोलियाँ, 
फिर भी हम सब एक हैं, 
विविध धर्म पंथों, ग्रंथों के, 
यहाँ पे रंग अनेक हैं। 
हिलमिल कर हम साथ रहें, 
बस यही पाठ पढ़ाना है। 
पढ़-लिखकर भारत माता का, 
जग में मान बढ़ाना है। 
वंदे मातरम्‌, वंदे मातरम्‌! 
 

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