क्षितिज पर

15-01-2022

क्षितिज पर

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 197, जनवरी द्वितीय, 2022 में प्रकाशित)

क्षितिज पर
सिहर-सिहर
अवलोकित
रूपायित
विस्तृत अभिलाषा। 
गोधूलि सी तुम
रभांती ढांपती
निहोरती
अकम्पित निर्धूम
क्षितिज पर। 

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