• विशेषांक

    इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ
    इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ आवरण चित्र: श्रेया श्रुति   साहित्य कुञ्ज के ‘इक्कीसवीं सदी की कहानियाँ’.. आगे पढ़ें
उसका क्या
कवि, स्वर, चित्र और निर्माण: अमिताभ वर्मा - उसका क्या

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

आकाशी 

  जब आकाशी आठ साल की थी, तब गाँव के डॉक्टर ने उसे बुलाकर कहा, “आकाशी, तुम्हारी माँ का इलाज मुझसे सम्भव नहीं है। बीमारी बड़ी है। इसलिए उन्हें अहमदाबाद की सिविल अस्पताल में ले जाओ। मुझे पता है कि आगे पढ़ें


आदिल 

  आख़िरकार बीस घंटे लंबे सफ़र के बाद ट्रेन अहमदाबाद से मुज़फ्फरपुर पहुँच गई। प्लेटफ़ॉर्म पर उतरते ही आदिल को लगा जैसे ज़मीन अभी भी उसके पैरों के नीचे हिल रही हो—जैसे यात्रा अब भी उसके भीतर चल रही हो। आगे पढ़ें


आपका बीता हुआ कल

  आज होली थी। शाम होने जा रही थी। मुझे किसी का इन्तज़ार भी न था। विदेशों में वैसे भी कई दफ़ा त्योहार यूँ ही बिन मनाये गुज़र जाया करते हैं। और फिर हस्पताल के बिस्तर पर पड़े-पड़े कैसी होली, आगे पढ़ें


इंसानियत ज़िन्दा है

  आईटीओ से लौटते हुए रात कुछ थकी हुई थी, पर शहर अब भी जाग रहा था। मिंटो रोड पर उसने स्कूटर रोका—बस डिक्की से एक थैला निकालना था, जिसमें शाम की मिली शील्ड सुरक्षित रखी जा सके। वह जैसे आगे पढ़ें


ऊपर उठी हुई नाक

    “मेरी ट्विट अपनी पूरी उड़ान नहीं भर रही। आवाज़ भी इस की बीच ही में रुक रही है . . .” बेटा मुझे अपनी इलेक्ट्रॉनिक चिड़िया दिखा रहा है। जो अभी पिछले ही माह मैंने उसे उसके पाँचवें आगे पढ़ें


कंधा

  चाहे सुबह के दस बजे हों या रात के, अपना हर छोटा-मोटा दुखड़ा सुनाने के लिए वह मुझे मिलने आ पहुँचती या फ़ोन कर दिया करती।  और फिर एक दिन . . . एक दिन मैंने भी उसे अपनी आगे पढ़ें


खण्डित डुबकियाँ

  प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के दिन हाड़ कँपाती सर्दी में माघ मेला शुरू हो गया था, लेकिन वहाँ संगम में स्नान करने की महीनों पहले से की गई मेरी सारी तैयारी धरी की धरी रह गई। दिल्ली से प्रयागराज आगे पढ़ें


घुटन 

  सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थी, पर उस उजाले में भी अजीब-सी घुटन थी। दीवार पर लटकी घड़ी की टिक-टिक, जैसे उसे हर वक़्त यह अहसास दिला रही थी कि समय आगे पढ़ें


प्रेम की भाषा की जीत

  एक छोटे से गाँव के स्कूल में सोनू नाम का एक शरारती लड़का पढ़ता था। सोनू बहुत चुलबुला था, लेकिन उसकी ज़ुबान पर थोड़ी कड़वाहट रहती थी। एक दिन कक्षा में टीचर ने सोनू से होमवर्क के बारे में आगे पढ़ें


वृद्धावस्था 

  पति-पत्नी दोनों ही एक दूसरे के लिए चिंतित रहते थे। पता नहीं, पहले पहल आख़िरी साँस कौन ले और फिर आगे क्या होगा . . .? मृत्यु का अटल सत्य पति को भी मालूम था और पत्नी को भी। आगे पढ़ें


सेठ और चूहा

  सेठ करोड़ी मल मज़े से खर्राटे ले रहा था। रात आधी से ज़्यादा बीत चुकी थी। तभी एक चूहा आकर, सेठ की भारी- भरकम देह के ऊपर उछल-कूद करने लगा। जब सेठ को गुदगुदी हुई तो उसने अपनी मुट्ठी आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

अखिल भारतीय चिरकुट साहित्यिक पत्रिका संपादक समागम

  नगर के एक संस्थागत सेमिनार हॉल में—जहाँ ऐसी और नैतिकता, दोनों ही अवसरानुकूल चालू-बंद होते रहते थे—इस वर्ष “अखिल भारतीय चिरकुट साहित्यिक पत्रिका संपादक समागम” का द्विदिवसीय भव्य, या कहें कि ‘भाव्य’ आयोजन, कुछ बड़ी संस्थाओं के आर्थिक अनुग्रह आगे पढ़ें


इंटरनेशनल स्कूल

  तो मसला ये है साहिबान कि बड़ी मन्नतों से पैदा हुई हमारी औलाद को हमने सोचा कि वर्ल्ड सिटीज़न बनाया जाए ताकि हमारा बच्चा इंटरनेशल लेवल की क़ाबिलियत हासिल कर सके। इंटरनेशनल होने के लिये दो ही विकल्प हैं आगे पढ़ें


इतिहास में मिसाइलें लिखी जाएँगी, भूखी माँ नहीं

  [बड़े-बड़े देशों की लड़ाई में सबसे छोटी चीज़ हार गई—घर] [मिसाइलें आसमान में थीं, पर चोट बच्चों की थाली पर थी]   सुबह अख़बार खोला तो पता चला, दुनिया फिर बचाई जा रही है। बचाने वाले वही लोग हैं, आगे पढ़ें


गैस कंट्रोल और गेस्ट कंट्रोल

    देशभक्ति के साथ-साथ चारों ओर फैले गैस-भक्ति के माहौल में आज सुबह मैंने हमारे पराक्रमी पिरथी काका और हमेशा हड़बड़ाए रहने वाली वबाला काकी को नए-नकोर कपड़ों में हाथ में टिफ़िन लेकर घर से निकलते देखा। मैं भी आगे पढ़ें


बायोलॉजिकल नॉन बायोलॉजिकल और मैं

  बंधुओ! मेरा बायोलॉजी नॉन बायोलॉजी से दूर-दूर तक का स्कूल टाइम से ही कोई रिश्ता नहीं, कोई नाता नहीं। अपने माँ-बाप की बायोलॉजिकल औलाद होने के बाद भी मुझे बायोलॉजी से स्कूल टाइम से ही बहुत डर लगता था। आगे पढ़ें


विश्वशान्ति का महायुद्ध

  आज का युग अत्यंत प्रगतिशील है।  इतना प्रगतिशील कि अब युद्ध भी शान्ति स्थापना के नाम पर लड़े जाते हैं। पहले लोग युद्ध जीतने के लिए लड़ते थे, अब वे शान्ति जीतने के लिए लड़ते हैं अंतर केवल शब्दों आगे पढ़ें


आलेख

बुंदेलखंड के लोकगीतों में राम केवल कथा नहीं, जीवन है 

  राम नाम लोक की श्वास-प्रश्वास में रचा बसा है। यह ऐसा नाम है जिसके बिना न तो भारत की कल्पना की जा सकती है और न भारतीयता की। लोक में राम कहाँ नहीं है! हर जगह मौजूद है, कण-कण आगे पढ़ें


विद्यालयीन परिवेश में शिक्षक-प्रकृतियाँ

  विद्यालय केवल पाठ्यक्रम का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्वों का संगम होता है। यहाँ प्रत्येक शिक्षक अपने साथ अनुभव, स्वभाव, दृष्टि और कार्य-शैली का एक विशिष्ट संसार लेकर आता है। यही विविधता कभी ऊर्जा बनती है, तो कभी चुनौती। किसी आगे पढ़ें


वैश्विक मंच पर हिन्दी का पुनर्जागरण

वैश्विक मंच पर हिन्दी का पुनर्जागरण

 (डॉ. तेजेन्द्र शर्मा के योगदान के विशेष संदर्भ में)    इक्कीसवीं शताब्दी का वैश्वीकरण केवल अर्थव्यवस्था, तकनीक और संचार तक सीमित नहीं है; उसने भाषाओं और संस्कृतियों के समक्ष भी नई चुनौतियाँ और नए अवसर उपस्थित किए हैं। ऐसे समय आगे पढ़ें


समीक्षा

आख़िर! ‘यह कौन सी जगह है’

आख़िर! ‘यह कौन सी जगह है’

समीक्ष्य पुस्तक: यह कौन सी जगह है (काव्य संग्रह) लेखक: राजेन्द्र राजन प्रकाशक: सेतु प्रकाशन, नोएडा, उत्तर प्रदेश।  मूल्य: ₹249.00 मनुष्य स्वभावतः एक विचारशील, भावनात्मक और सामाजिक प्राणी है, जिसके भीतर अनेक तरह के विचार, अनुभव और भावनाएँ उत्पन्न होती आगे पढ़ें


गंगा में तैरते मिट्टी के दीये: भारतीय संस्कृति और जापानी काव्य का अद्भुत कलात्मक सेतु 

गंगा में तैरते मिट्टी के दीये: भारतीय संस्कृति और जापानी काव्य का अद्भुत कलात्मक सेतु 

समीक्षित पुस्तक: पुस्तक: गंगा में तैरते मिट्टी के दीये काव्य संग्रह हाइकु, ताँका, सेदोका संकलन लेखक: डॉ. रमा द्विवेदी प्रकाशक: शब्दांकुर प्रकाशन पृष्ठ संख्या: १३८ मूल्य ₹300  उपलब्धता: गंगा में तैरते मिट्टी के दीये (amazon.in) ‘गंगा में तैरते मिट्टी के आगे पढ़ें


प्रवासी जीवन-संघर्षों पर आधारित धर्मपाल महेंद्र जैन का बहुचर्चित उपन्यास ‘इमिग्रेंट’

प्रवासी जीवन-संघर्षों पर आधारित धर्मपाल महेंद्र जैन का बहुचर्चित उपन्यास ‘इमिग्रेंट’

समीक्षित पुस्तक: इमिग्रेंट (उपन्यास)  लेखक: धर्मपाल महेन्द्र जैन प्रकाशक: आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल मूल्य: ₹ 500.00 उपलब्धता: इमिग्रेंट (amazon.in) विगत तीन दशकों से अमेरिका और कैनेडा के विभिन्न अंचलों में रहने वाले हिन्दी के सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार, कवि और लेखक धर्मपाल महेंद्र आगे पढ़ें


साक्षात्कार

भारतीय साहित्य के बहुभाषी सेतु डॉ. संतोष अलेक्स

  डॉ. ऋतु शर्मा ननंन पांडे द्वारा बहुभाषीय साहित्यकार डॉ. संतोष साक्षात्‍कार    शब्दों को सीमाओं से मुक्त कर भाषाओं के बीच सेतु निर्मित करने वाले कवि, आलोचक, संपादक व अनुवाद-विधा के सिद्धस्त हस्ताक्षर बहुभाषिक संवेदना के संवाहक—डॉ. संतोष अलेक्स आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - विदेश

विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम

विश्व हिंदी दिवस कार्यक्रम

11 Jan, 2026

“मातृभाषा हमारे जीवन का आधार है, हिंदी के विकास में योगदान देनेवाले ग़ैर हिंदी भाषिक विद्वानों ने अपनी मातृभाषा का…

आगे पढ़ें
ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान 2025 

ब्रिटेन की डॉ. वंदना मुकेश को मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग..

9 Oct, 2025

  मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा प्रतिवर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी को समृद्ध करने वाले विद्वानों को…

आगे पढ़ें
यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह

यॉर्क, यूके में भारतीय प्रवासी समुदाय का ऐतिहासिक काव्य समारोह

16 May, 2025

  दिनांक: 26 अप्रैल 2025 स्थान: यॉर्क, यूनाइटेड किंगडम 26 अप्रैल 2025 को यॉर्क इंडियन कल्चरल एसोसिएशन के तत्वावधान में…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - भारत

डॉ. रमा द्विवेदी कृत ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दीये’ काव्य संग्रह लोकार्पित 

डॉ. रमा द्विवेदी कृत ‘गंगा में तैरते मिट्टी के दीये’ काव्य..

11 Mar, 2026

  युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच (पंजीकृत न्यास) आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना राज्य शाखा एवं केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान…

आगे पढ़ें
डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ लोकार्पण

डॉ. अमित धर्मसिंह के ग़ज़ल संग्रह ‘बग़ैर मक़्ता’ का हुआ..

22 Jan, 2026

  दिल्ली। 20 दिसंबर, 2025 को आयोजित हुई नव दलित लेखक संघ की मासिक गोष्ठी में डॉ. अमित धर्मसिंह के…

आगे पढ़ें
गाहलियाँ विद्यालय के छात्राओं ने आर्ट्स पेंटिंग से चमकाया विद्यालय

गाहलियाँ विद्यालय के छात्राओं ने आर्ट्स पेंटिंग से चमकाया..

20 Jan, 2026

कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश, राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां के एक भारत और श्रेष्ठ भारत और इको क्लब के छात्रों…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - भारत

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा की कृति ‘उगता सूर्य’ का हुआ विमोचन 

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा की कृति ‘उगता सूर्य’ का हुआ विमोचन 

22 Jan, 2026

शाहगंज (आगरा)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने श्री चित्रगुप्त भगवान संस्था सभागार में अपना 56वाॅं प्रांतीय अधिवेशन व शैक्षिक…

आगे पढ़ें
डॉ. देवेंद्र शर्मा का काव्य संग्रह ‘अनुभव के आखर’ लोकार्पित

डॉ. देवेंद्र शर्मा का काव्य संग्रह ‘अनुभव के आखर’ लोकार्पित

6 Jan, 2026

  हैदराबाद, 15 दिसंबर, 2025—  अपने दौर के अंतरराष्ट्रीय स्तर के वनस्पति शास्त्र वैज्ञानिक व कवि स्व. डॉ. देवेंद्र शर्मा…

आगे पढ़ें
‘क से कविता’ का बाल-कविता समारोह संपन्न

‘क से कविता’ का बाल-कविता समारोह संपन्न

13 Nov, 2025

बाल-दिवस-विशेष:  हैदराबाद, 13 नवंबर, 2025। हिंदी-उर्दू कविता को नई पीढ़ी में लोकप्रिय बनाने के लिए समर्पित संस्था “क से कविता”…

आगे पढ़ें
  • वीडिओ

  • फोटो गैलरी

 साहित्य कुञ्ज की पुस्त्तकें पढ़ें

इस अंक की पुस्तकें