हे छट मैया

01-12-2023

हे छट मैया

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 242, दिसंबर प्रथम, 2023 में प्रकाशित)

 

हे छट मैया तुम्हें प्रणाम। 
करो सिद्ध मेरे सब काम। 
 
गति स्थिरता दोनों जीवन
मृत्यु जन्म का है आवाहन
 
सूर्य अर्घ्य छट अति पावन। 
नदी किनारे होता पूजन। 
 
दिनकर की होती है पूजा। 
नहीं कृपालु इनसे दूजा। 
 
शक्ति ऊर्जा के ये दाता। 
भुवन भास्कर भाग्य विधाता। 
  
नहाय खाय से पर्व शुरू। 
फिर खरना फिर अर्घ्य गुरु। 
 
गेहूँ ठेकुआ चावल लड्डू। 
खीर पुड़ी नीम्बू संग कद्दू। 
 
छट मैया हैं द्वार तुम्हारे। 
दूर करें सब दुःख हमारे। 
 
छट मैया शुभ मंगल दायक। 
सुख समृद्धि शान्ति सहायक। 
 
शुभ संकल्प सभी हों पूरे। 
पूरे हों सब काम अधूरे। 

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