कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - यू जी सी नियम

01-02-2026

कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - यू जी सी नियम

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 293, मार्च प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

1
शिक्षा का आधार हो, समता न्याय विवेक। 
सबके हित में नीति हो, टूटे हर अतिरेक। 
टूटे हर अतिरेक, नहीं हो अवसर सीमित। 
प्रतिभा का सम्मान, नहीं हो कोई वंचित। 
सबके पूरित स्वप्न, नहीं शिक्षा हो भिक्षा। 
कर लो नियम सुधार, सभी के हित हो शिक्षा। 
2
यू जी सी के हैं नियम, या अन्यायी शूल। 
ये समाज को बाँटते, जन विरुद्ध प्रतिकूल। 
जन विरुद्ध प्रतिकूल, नहीं सबके ये हित में। 
करते वर्ग विभेद, घृणा भरते हैं चित में। 
हमको नहीं क़ुबूल, तुम्हारी गधा पचीसी। 
सबके हित हो न्याय, सुनो ओ प्रिय यू जी सी। 

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

सम्पादकीय प्रतिक्रिया
आप-बीती
बाल साहित्य कविता
कविता
कहानी
ऐतिहासिक
सांस्कृतिक आलेख
सांस्कृतिक कथा
किशोर साहित्य कहानी
स्वास्थ्य
स्मृति लेख
खण्डकाव्य
हास्य-व्यंग्य आलेख-कहानी
नाटक
रेखाचित्र
काम की बात
कविता-मुक्तक
काव्य नाटक
गीत-नवगीत
यात्रा वृत्तांत
हाइबुन
हास्य-व्यंग्य कविता
कविता - हाइकु
अनूदित कविता
चिन्तन
दोहे
एकांकी
कविता - क्षणिका
पुस्तक समीक्षा
गीतिका
लघुकथा
ग़ज़ल
साहित्यिक आलेख
बाल साहित्य लघुकथा
सामाजिक आलेख
व्यक्ति चित्र
सिनेमा और साहित्य
किशोर साहित्य कविता
किशोर साहित्य नाटक
ललित निबन्ध
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में