कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - माँ

15-05-2026

कुण्डलिया - डॉ. सुशील कुमार शर्मा - माँ

डॉ. सुशील कुमार शर्मा (अंक: 297, मई द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

1
माँ की ममता दिव्य है, शीतल मधुर उजास। 
उसके आँचल में मिले, जीवन भर विश्वास॥
जीवन भर विश्वास, थके मन को सहलाए। 
माँ है ईश्वर तुल्य, कष्ट से हमें बचाए। 
कह सुशील कविराय, नहीं है माँ की समता। 
धरती पर वरदान, अमिय मय माँ की ममता॥
2
धारा अविरल नेह माँ, करुणा का विस्तार। 
जिसके चरणों में बसा, बच्चों का संसार॥
बच्चों का संसार, हँसी से घर महकाए। 
सह कर सारे कष्ट, सभी के स्वप्न सजाए। 
माँ ईश्वर का रूप, जगत माँ से ही सारा॥
ममता का आकाश, नेह की अविरल धारा॥

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