"लो फिर लॉक डाउन लग गया अब क्या होगा कैसे हमारे घर चूल्हा जलेगा?"मनोहर की पत्नी ने चिंतित स्वर में पूछा।

"कोरोना बहुत फैल रहा है इसलिए सरकार ने लॉक डाउन लगाया है," मनोहर के चेहरे पर भी चिंता के निशान थे।

मनोहर ठेले पर रेवड़ी बेच कर घर चलाता था एवं पत्नी घरों में काम करती थी।
 
"हमारी मेमसाब ने भी मना कर दिया है काम पर आने के लिए अब बच्चों को कैसे पालेंगे?" पत्नी बहुत मायूस थी।

"क्या करेंगे हम लोग तो ग़ुलाम हैं जैसे सरकार चाहेगी वैसे मरेंगे चाहे कोरोना से मरें या भूख से," मनोहर के चेहरे पर बेबसी थी।

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