अब साये से लिपटा रहा है

01-01-2026

अब साये से लिपटा रहा है

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 291, जनवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

तुझे याद कर लिया है, 
यही काम मैंने किया है। 
 
और कोई नहीं सिफ़त थी, 
तेरा नाम ले लिया है। 
 
अब साये से लिपटा रहा है, 
पेड़ से पत्ता यूँ गिरा है। 
 
कितने क़िस्से थे दफ़न, 
क्या जो तू बेरुख़ हुआ है। 
 
रहे ग़म ही दिल में दोस्त, 
तू भी दोस्त क्या दोस्त हुआ है। 

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