आस बनाए रखता है

01-02-2026

आस बनाए रखता है

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 293, मार्च प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

आस बनाए रखता है, 
धैर्य जीत को चखता है। 
 
सच पराजित नहीं होता, 
कभी मन ऐसे भी ठगता है। 
 
दुष्टों को दण्ड भी मिलता, 
वह जाने क्या क्या बकता है। 
 
जाने कब किस की ज़रूरत हो, 
चोरों से भी बना के रखता है। 
 
हृदय में ख़ाली पन सा है, 
शून्य में घंटों तकता है। 

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