रोग शोक का उत्तर

15-04-2026

रोग शोक का उत्तर

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 295, अप्रैल द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

यानी गहरे हैं दाग़, 
मन पर चस्पा गए। 
 
बाहर भीतर एक सा, 
इस रुत तक आ गए। 
 
रोग शोक का उत्तर, 
आँसू संग आ गए। 
 
यहाँ लड़ने का लाभ? 
फ़ैसले पहले आ गए। 
 
मैं, मेरा सदा रहा, 
यह सबक़ सिखा गए। 

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