एक गीत सुनाना है

01-05-2026

एक गीत सुनाना है

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 296, मई प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

एक गीत सुनाना है, 
दिल को जलाना है। 
 
आखेट नहीं जीवन, 
आखेट बनाना है। 
 
स्मरण की शाम थी, 
स्मरण मनाना है। 
 
हरदम हृदय व्याकुल, 
अमलीजामा पहनाना है। 
 
धरती ने बोझ उठाया है, 
ख़ुद आकाश उठाना है। 

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