घुटन

राजीव डोगरा ’विमल’ (अंक: 301, सितम्बर प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

करूँगा शिकायत
रब के दर पर 
जिन्होंने मुझे रुलाया है। 
मुस्कुरा कर 
औरों के संग 
मेरी आँखों में आँसूँ लाए हैं।
 
थक चुका हूँ
हर रिश्ते को निभा कर
अब जाकर 
अपने रब के घर 
उसको अपना 
हर ग़म सुनाऊँगा।
  
दुआएँ जिनको 
रास न आईं मेरी 
देकर बद्दुआएँ उनको 
अपनी बिरहा की कहानी 
सब को सुनाऊँगा।

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