अनकहा इज़हार

01-07-2026

अनकहा इज़हार

राजीव डोगरा ’विमल’ (अंक: 300, जुलाई प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

हाँ, मैं लिखता हूँ 
सिर्फ़ लिखने के लिए नहीं 
अपने जज़्बातों के
इज़हार के लिए भी 
 
हाँ, मैं लिखता हूँ 
हर अल्फ़ाज़ में तुमको 
मगर कहता नहीं कभी 
अपने अल्फ़ाज़ में तुमको 
 
हाँ, मैं लिखता हूँ 
अपने हृदय की
गहरी अनुभूति के साथ 
मगर जाता नहीं कभी 
अपने जज़्बातों के आर-पार। 

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