अंतिम मित्र

01-09-2026

अंतिम मित्र

राजीव डोगरा ’विमल’ (अंक: 301, सितम्बर प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

आख़िरी दोस्त
आख़िरी उम्मीद हो तुम। 
जीवन के अंतिम अध्याय की
अंतिम कड़ी हो तुम।
  
मोह का पाश नहीं
स्नेह का अंतिम चरण हो तुम। 
मेरे अंतिम जीवन की
अंतिम स्पष्ट किरण हो तुम।
  
मेरे अधूरे जीवन की
अंतिम मुस्कुराहट हो तुम। 
सब कुछ खो जाने के बाद भी
मेरे अंतिम जीवन का
मधुर एहसास हो तुम।
  
थक सा गया था मैं
युगों के इंतज़ार के बाद
मेरे अंतिम जीवन के
अंतिम समय का
मोक्ष का आधार हो तुम। 

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