ख़ामोश यादें

01-06-2026

ख़ामोश यादें

राजीव डोगरा ’विमल’ (अंक: 298, जून प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

मैं गूँजता रहूँगा तेरे शहर में
तेरी यादों के संग। 
मैं अकेला ही सही
पर फ़िरता रहूँगा हर जगह 
तेरी ख़ामोशी को ले अपने संग। 
 
लोग पूछेगे मुझे जब
क्या दर्द है तुम्हें? 
मगर मैं फिर भी 
चुपचाप फिरता रहूँगा 
सीने में दफ़न की 
तेरी ख़ामोश यादों को ले संग। 
 
मैं लिखता रहूँगा
हर जगह इश्क़
लोग पूछेंगे मुझे 
कौन है हमराही तेरा? 
तो मैं चुपचाप हँसता रहूँगा, 
तेरी मुस्कुराहट की याद लिए संग।

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