जब भी दिल की बात सुनी है 

15-03-2026

जब भी दिल की बात सुनी है 

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 294, मार्च द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

जब भी दिल की बात सुनी है, 
कहा धोखे खाने में बड़ा गुणी है। 
 
वायु सुवासित हो यज्ञ से जहाँ, 
चल साध के डेरे हवन की धुनी है। 
 
जीत भी मिल सकती थी झूठ से, 
दोस्त पर हमने ही हार चुनी है। 
 
एक चीज़ बहुत मिली जीवन में, 
ग़म की रात चौगुनी दिन दूनी है। 
 
एक विचार कहे ऐसे चल रहा जीवन, 
और हर श्वास कहते सब प्रभु ने बुनी है। 
 
कईं आकाश छूने थे अंततः छुट्टी ली, 
कि अंत में तो धरती ही छूनी है। 

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