कारण मनमुटाव के

01-09-2026

कारण मनमुटाव के

मधु शर्मा (अंक: 301, सितम्बर प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

जब एक व्यक्ति किसी ‘अपने’ से बोलचाल बन्द कर दे तो उसके पीछे पैसों का लेन-देन, धोखाधड़ी या ईर्ष्या के अतिरिक्त इन निम्नलिखित तीन अन्य कारणों में से भी कोई एक कारण हो सकता है:

  1. या तो किसी गम्भीर रोग या चिंता से घिरा हुआ होने के कारण वह किसी से मिलना-जुलना नहीं चाह रहा।

  2. या किसी ग़लतफ़हमी के कारण उसने उस ‘अपने’ से किनारा कर लिया है।

  3. या किसी तीसरे व्यक्ति की बातों में आकर वह उस ‘अपने’ से नाराज़ हो गया है।

यदि पहला कारण हो तो दूसरे व्यक्ति को चाहिए कि अगर वह अपने उस स्वजन की कोई सहायता नहीं कर सकता तो कम से कम उस के लिए भगवान से प्रार्थना करे कि वह उसे चिंता/रोग से जल्द से जल्द मुक्ति दिला दें।

यदि दूसरा कारण है तो जितनी जल्दी हो सके पहला व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से खुलकर बात करे ताकि आपस की ग़लतफ़हमी दूर हो जाये।

और यदि तीसरा कारण है तो उस इंसान को ‘अपना’ कहना भी सही नहीं। क्योंकि उस ‘अपने’ पर विश्वास करने की बजाय किसी तीसरे की बातों में आकर नाराज़ हो जाना उनके बीच के अपनत्व को वहीं का वहीं मिटा देता है।

ईश्वर न करे कभी किसी को ऐसी किसी एक भी परिस्थिति का सामना करना पड़ जाये।

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