सोशल मीडिया 

15-03-2026

सोशल मीडिया 

मधु शर्मा (अंक: 294, मार्च द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

लाइफ़ में यह सोशल-मीडिया जबसे आया, 
सोशल-लाइफ़ रही न, रिश्ते हो रहे हैं ज़ाया। 
 
दूर-दराज़ देशों में रहने वाले हो गये हैं क़रीब, 
बात करने को मगर तरसें, बैठे जो भी समीप। 
 
शायरी अदली-बदली और चैनल्स खोल लिये, 
दिन भर फिर देखते कितने 'लाइक्स' हो लिये। 
 
असली-नक़ली में भोले लोग कर न पायें फ़र्क़, 
महान लेखकों के नाम का यूँ हो रहा बेड़ा ग़र्क़। 
 
हद ही कर देते हैं नर्सरी के नये बच्चे आये दिन, 
पुस्तक का पन्ना दबाने लगते समझकर स्क्रीन। 

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