किसका जीवन परिपूर्ण 

01-02-2026

किसका जीवन परिपूर्ण 

मधु शर्मा (अंक: 293, फरवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

बड़ी सी कोठी में रहने वाले एक दम्पती को देखकर सामने ही टूटी-फूटी झोंपड़ी में रहने वाले एक मज़दूर की पत्नी आये दिन भगवान से कहा करती है, “हे प्रभु! इन अमीरों को आपने दस-दस कमरों वाला इतना आलीशान घर तो दे रखा है, लेकिन आप हमें एक छोटा-सा कमरा तक न दे सके?” 

उसे मालूम नहीं कि कोठी की मालिकिन भी अपनी बालकनी में बैठी उसकी झोंपड़ी को निहारती है और उसके चार बच्चों को वहाँ हँसता-खेलता देख आये दिन भगवान से यही कहा करती है, “हे प्रभु! आपने हमें इतना बड़ा घर तो दे दिया लेकिन इसमें हँसने-खेलने के लिए आप हमें एक भी सन्तान न दे सके?” 

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