दरिया–ए–दिल

 

2122    2122    2122    2122
 
आओ इस महफ़िल में आओ, झूमकर मिल गीत गाओ
है ख़ुशी का दिन ये यारो, नाचो गाओ धूम मचाओ
 
तुम ही हो संगीत की लय, ताल तुम, सुर ताल भी तुम
सरगमों के साज़ छोड़ो, जश्न का हर पल मनाओ
 
इतने हैं अनमोल मोती, आस पास ऐसे बहुत और
बनके धागा तुम पिरोकर, प्रीत की माला बनाओ
 
दिल की धड़कन में है सुर भी, ताल भी है, साज़ भी है
तारों पर झनकार छेड़ो, झूमकर यह गीत गाओ
 
आज का दिन है मुबारक,  दिल से ‘देवी’ दे दुआएँ
प्यार दो और प्यार पाओ, तुम गले सब को लगाओ

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