यह मौसम 

01-06-2026

यह मौसम 

मधु शर्मा (अंक: 298, जून प्रथम, 2026 में प्रकाशित)


पवन का ज़ोर-ज़ोर से शोर मचाना, 
पेड़ों का झूम-झूमकर नाच दिखाना, 
बादलों का ग़रज़ते हुए हमें डराना, 
बारिश का ताल से ताल मिलाना, 
बिजली का कौंध-कौंध जाना, 
घटा का अचानक उमड़ आना, 
सूरज का आँख-मिचौनी पे अड़ जाना, 
इंद्र-धनुष का झूला पड़ जाना, 
बाप रे! बेमौसम बर्फ़बारी आना, 
धरती को सफ़ेद चादर ओढ़ाना . . . 
मुझे अपनी क़लम से डाँट खाना, 
मधु, बन्द करो बेतुकी बातें बताना। 
'न न! मुझे तो भारतीयों को है दर्शाना
ब्रिटिश मौसम का पल में पलटी खाना।'

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