उसी के कहने पर चुपचाप रहा

15-01-2026

उसी के कहने पर चुपचाप रहा

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 292, जनवरी द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

उसी के कहने पर चुपचाप रहा, 
हृदय में देख अपना आप रहा। 
 
पत्थर ही समझा था पत्थर को, 
मन्दिर में रखा तो भगवान कहा। 
 
आहत नहीं मन आप से तू कहने पे, 
बस बेरुख़ी से ज़रा परेशान रहा। 
 
बने हैं दोस्त वह जिन्हें जलन है, 
दोस्ती का बस एक नाम रहा। 
 
समझ पैदा नहीं हुई अब तक, 
गीत भी देख ओह आलाप रहा। 

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