इस राह पर इस मोड़ पर

15-01-2026

इस राह पर इस मोड़ पर

हेमन्त कुमार शर्मा (अंक: 292, जनवरी द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

इस राह पर इस मोड़ पर, 
निकलें हैं कुछ शोर कर। 
 
विरानियाँ इस दिल में हैं, 
तू रहगुज़र कहीं और कर। 
 
हासिल नहीं ज़िंदगानी का, 
हारे हैं सैंकड़ों ज़ोर कर। 
 
गायें यहाँ धूल फाँकें, 
कुकूर बँधें हैं डोर कर। 
 
सुबह रोशन फिर हुई, 
सूरज तो माना भोर कर। 

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