दिल से ग़ज़ल तक

दिल से ग़ज़ल तक  (रचनाकार - देवी नागरानी)

110. भारत मेरा देश महान

 

भारत मेरा देश महान
नाम है इसका हिंदुस्तान
 
पूरब पश्चिम उतर दक्षिण
फैला जिसमें ज्ञान विज्ञान
 
गीता बाइबल, वेद पुरान
सब में बसता इक भगवान
 
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई 
एक ही दिल है, एक ईमान
 
ब्रह्मपुत्र, गंगा, कावेरी
बहतीं पावन नदी महान
 
मथुरा, काशी, तीरथ नामे
ख्वाजा की दरगाह सुजान
 
‘अँग्रेजों से आज़ादी’ हो
सब ने मन में ये ली ठान
 
स्वतँत्रता, स्वराज्य वतन का
दिल दिल का बस ये अरमान
 
वीर भगतसिंह और नेताजी
हेमूँ, गाँधी हुए क़ुरबान
 
जिस आज़ादी की चौखट पर
गाँधीजी ने त्यागी जान
 
उस आज़ादी को सर आँखों पर
रख कर ‘देवी’ करो सन्मान॥

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