दिल से ग़ज़ल तक

 

12122    12122
 
क्या ऐसा कोई किताब होगा
न जिसमें कोई भी बाब होगा
 
करे अमानत में जो ख़यानत 
कभी तो उसका हिसाब होगा 
 
न पूछो इतने सवाल उनसे
न पास जिनके जवाब होगा
 
जो ऐशो-इशरत में है पला वो   
ज़रूर कोई नवाब होगा
 
न दिल किसी का दुखाओ ‘देवी’
बड़ा वो सबसे सवाब होगा 
 

<< पीछे : 50. लिखा जो तुमने क़लाम होगा आगे : 52. वहीं पे आता उबाल होगा >>

लेखक की कृतियाँ

बाल साहित्य कविता
ग़ज़ल
आप-बीती
कविता
साहित्यिक आलेख
कहानी
अनूदित कहानी
पुस्तक समीक्षा
बात-चीत
अनूदित कविता
पुस्तक चर्चा
विडियो
ऑडियो