हिमालय से 

01-06-2026

हिमालय से 

अभिषेक पाण्डेय (अंक: 298, जून प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

हे हिमालय! 
अब तुम्हीं बताओ 
क्या अपना रक्त 
तुम्हारी महान ऊँचाइयों में जमा दूँ? 
या हिलस्टेशन से उतरती नदी की तरह किसी रेलगाड़ी में बैठकर 
पूरी ज़िन्दगी 
केवल नमक के पीछे दौड़ता रहूँ 
या फिर कुछ और? 

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