सर्दी के समय (दो) 

01-01-2026

सर्दी के समय (दो) 

अभिषेक पाण्डेय (अंक: 291, जनवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 
मेरे चारों तरफ़ 
बच्चों ने फूँक मार-मारकर 
जमा कर दी न 
न जाने कितनी 
सफेद-धुंध 
 
सूरज सकपका रहा है 
बच्चों के खेल में विघ्न डालने से 
वो ख़ुद आकाश से उतर आया है 
और किसी स्वेटर के डिज़ाइन में 
यथास्थान 'ज' से जठराग्नि बनकर चिपक गया है
कंटोप के ठीक पीछे 
पृष्ठभूमि बना रहा है
एकदम उसी तरह 
जैसे देवताओं के सर के पीछे आभामंडल! 

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