तुम्हारा गिरना

01-01-2026

तुम्हारा गिरना

अभिषेक पाण्डेय (अंक: 291, जनवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

तुम गिरोगी 
तो आकाश झुकेगा 
तुम्हें पकड़ने के लिए 
 
पृथ्वी भूल जाएगी 
थोड़ी देर के लिए 
अपना गुरुत्वाकर्षण 
 
वृक्ष अपनी हथेलियाँ फैलाए 
उमड़ पड़ेंगे 
तुम्हें लोकने के लिए 
 
घास ऊँची कर देगी 
अपनी हरी गोद 
 
हवा हर दिशा में जाकर बताएगी 
कि तुम गिर रही हो 
 
आकाश ज़रा जल्दी उतार देगा 
सूरज को अपने कंधे से 
और निकल पड़ेगा
तुम्हें ढूँढ़ने के लिए 
अनगिन टार्च जलाये
 
तुम्हारे गिरने से पहले ही
आत्मा में बन चुके होंगे गड्ढे
जिन पर गिर रहा होऊँगा मैं! 

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