पुस्तकें

15-05-2026

पुस्तकें

अभिषेक पाण्डेय (अंक: 297, मई द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

अगर तुम नहीं होती
तो शायद मैं कह सकता था कि 
दिशाएँ केवल चार होती हैं 
आकाश सिर्फ़ ऊपर होता है 
और सूरज केवल पूरब में उगता है 
 
अगर तुम नहीं होती
तो माँ के जाने के बाद उसकी गोद में 
कुछ क्षण लेट जाने की सुविधा नहीं होती 
दुख को कुछ क़दम पीछे ठेल देने की क्षमता नहीं होती 
फूलों की ताज़ी सुगंध फेफड़ों में भरकर 
एक साँस में धरती का पूरा चक्कर लगा आने की मूर्खता नहीं होती॥

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