साहित्य के रंग -  शैलजा के संग
साहित्य के रंग - शैलजा के संग

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

खोटा सिक्का

रंजन बैठा बैठा गेंद उछाल रहा था तभी मनी ने आ कर कहा, "रंजन रंजन चलो फिर एक अंकल-आंटी आये हैं देखें किसको ले जाते हैं इस बार।" "आये हैं तो हम क्या करें हमें ये अंकल-आंटी लोग हमें बिल्कुल आगे पढ़ें


नक्सली राजा का बाजा - 4

नेताजी एकटक लेखक को देखते हुए बोले, "मैं हमेशा आपकी बातों पर आँख मूँदकर यक़ीन करता रहा हूँ। लेकिन पता नहीं क्यों आज नहीं कर पा रहा हूँ।" "आपका विश्वास इस प्रकार डोलने की वज़ह मैं जानता हूँ। और यह आगे पढ़ें


मुसाफ़िर

दयाशंकर बाजपेयी यूँ तो लखनउवा थे, पर जब से नैनीताल हाईकोर्ट में वकीली पर लगे, तब से ताल की ख़ूबसूरती की तरह उनकी चाल और ज़ुबाँ पर भी कुछ-कुछ कुमाँऊनी चढ़ उठी। ढलती उम्र थी और थकान भरा शरीर। घर आगे पढ़ें


कृतघ्नता

"सुकून चाहिए तो कमज़ोर इंसानों की मदद करें। यह बहुत सरल तरीक़ा है।" सुबोध जी ने यह सूत्र बचपन में किसी पुस्तक में पढ़ा था। उनकी जवानी और प्रौढ़ावस्था के दिन तो आपाधापी में बीतते रहे पर इधर जीवन के आगे पढ़ें


विदाई

रोहित उस दिन दोपहर में अपने दोस्त रवि के बेटे के मुंडन संस्कार में गया तो उसे पहली बार पता चला कि रवि की तीन बहनें हैं। दरअसल, जब रोहित रवि के घर पहुँचा तो उस वक़्त उसकी तीन बहनें आगे पढ़ें


रवि-कवि

मानव के आसपास का अंधकार तो मिट चुका था। देव ने कोई कसर नहीं छोड़ी। मानव को असमंजस में देखकर देव ने प्रश्न किया, "अँधेरा तो दुम दबाकर भाग निकला, अब उदास क्यों बैठे हो?" "अँधेरा तो मन-मस्तिष्क को भी आगे पढ़ें


मंगल की चतुराई

एक लाल मुँह का बंदर था जिसका नाम था मंगल। वह अपनी पत्नी मीनू के साथ पीलीभीत के जंगल में रहता था। वह बहुत खुशमिज़ाज और चतुर था पर उसमें एक बुराई थी कि वह आलसी बहुत था। आज की आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

आहत होने की चाहत

आहत होना स्वाभाविक मानवीय (दु)र्गुण है। जटिल मानवीय स्वभाव के विभिन्न कारकों में आहत होना प्रमुखता से सम्मिलित है। भारत में आहत होने के लिए कोई न्यूनतम अर्हता निर्धारित नहीं की गई है। अर्हता के साथ-साथ आहत होने का कोई आगे पढ़ें


विवाद की जड़ दूसरी शादी है

गंगू व शुकुल जी आज काफ़ी दिन बाद मिले थे कुछ समय ही ऐसा था कि दशहरा व ईद साथ-साथ पड़ गये तो उसमें व्यस्त थे। शहर के दो बुद्विजीवियों  में विचार-विर्मश नहीं हो पाया था और इसके लाभ से आगे पढ़ें


स्टेट्स श्री में कुत्तों का योगदान

गए वे दिन जब आदमी की पढ़ाई उसकी स्टेट्स सिंबल होती थी। उन दिनों समाज में जो नक़ल-नुकल मारकर भी थोड़ा बहुत पढ़-लिख जाता था तो, गधे तो गधे आदमी तक उसकी इज़्ज़त करते थे। और तब पढ़ा-लिखा आदमी अपने आगे पढ़ें


आलेख

पिता-पुत्र के संबंधों की जीवंत संस्कृति 

अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस- 16 जून 2019  अंतर्राष्ट्रीय पिता दिवस यानी फ़ादर्स डे इस साल 16 जून 2019 को भारत समेत विश्वभर में मनाया जायेगा। यह दिवस जून महीने के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत बीसवीं आगे पढ़ें


साहित्य सृजन का पथ, उपासना का पथ

लेखिकीय कार्य सचमुच उपासना है, अमरता की ओर ले जाने का पथ है। कहते हैं कही गई बात मिट जाती है किन्तु लिखी हुई बात अमर हो जाती है। जो कह दिया सो बह गया जो लिख दिया सो रह आगे पढ़ें


बलराज साहनी – अभिनय की बारीकियाँ सिखाता हुआ अभिनेता 

1 मई – जन्मदिन  आज हिंदुस्तान के हर शहर और क़स्बे में नाट्य संस्थाएँ और रंगकर्मी मौजूद है। इन रंगमंच के अभिनेताओं में उत्साह तो अपने चरम पर है पर केवल उत्साह ही किसी को दक्ष अभिनेता नहीं बना देता आगे पढ़ें


समीक्षा

जग रहा जुगनू – जगमगा रहे हाइकु

जग रहा जुगनू – जगमगा रहे हाइकु

कृति : जग रहा जुगनू (हाइकु संग्रह) लेखक : डॉ. कुँवर दिनेश सिंह संस्करण : 2018 मूल्य : 200 /- पृष्ठ : 84 प्रकाशक : साइबरविट.नेट, HIG 45 कौसम्बी कुंज, कालिंदीपुरम्, इलाहाबाद -211011  प्रकृति के चितेरे कवि डॉ. कुँवर दिनेश आगे पढ़ें


परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन 

परिंदों को मिलेगी मंज़िल यक़ीनन 

समीक्षा: परिंदे पत्रिका "लघुकथा विशेषांक" पत्रिका : परिंदे (लघुकथा केन्द्रित अंक) फरवरी-मार्च'19 अतिथि सम्पादक : कृष्ण मनु संपादक : डॉ. शिवदान सिंह भदौरिया 79-ए, दिलशाद गार्डन, नियर पोस्ट ऑफिस, दिल्ली- 110095, पृष्ठ संख्या: 114 मूल्य- 40/- वैसे तो हर विधा आगे पढ़ें


भाव, विचार और संवेदना से सिक्त – ‘गीले आखर’ 

भाव, विचार और संवेदना से सिक्त – ‘गीले आखर’ 

  कृति : ‘गीले आखर’ (चोका संग्रह):  संपादक : रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’, डॉ. भावना कुँअर प्रकाशक : अयन प्रकाशन,महरौली,नई दिल्ली,  प्रथम संस्करण 2019  पृष्ठ : 132, मूल्य : 260 रुपये रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’ एवं डॉ. भावना कुँअर द्वारा संपादित चोका आगे पढ़ें


संस्मरण

34 - न्यूयार्क की सैर भाग - 3

26 जुलाई 2003  न्यूयार्क की सैर  पिछली रात सोते-सोते 12 बज गए थे। घूमते-घूमते पैरों में दर्द भी हो रहा था पर शहर घूमने की तमन्ना में सुबह 6 बजे ही नींद खुल गई। स्वादिष्ट जलपान कर खिलते चेहरे लिए आगे पढ़ें


लो आय गईं तुम्हारी लल्लो

“लो आय गईं तुम्हारी लल्लो“ - दाई ने नवजात बच्ची की नाल बेदर्दी से खींचते हुए बच्ची को नवप्रसूता माँ की गोद में झटके से देते हुए बड़ी हिकारत से कहा तो बच्ची की माँ रामकली ने गुस्से से डाँटकर आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

5 Jun, 2019

मई 11, 2019 को ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की स्प्रिंगडेल शाखा में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न…

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राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

17 Apr, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की अप्रैल, 2019 मासिक गोष्ठी   ’हिन्दी साहित्य में राम के विभिन्न रूप’ विषय पर इस शनिवार,…

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’केसरिया फागुन’: हिन्दी राइटर्स गिल्ड की पुलवामा शहीदों को रचनात्मक श्रद्धांजलि

’केसरिया फागुन’: हिन्दी राइटर्स गिल्ड की पुलवामा शहीदों को रचनात्मक श्रद्धांजलि

30 Mar, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने ९ मार्च २०१९ को ब्रैमप्टन की स्प्रिंगडेल शाखा लाइब्रेरी में दोपहर १.३० से ४.३० बजे एक…

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साहित्य जगत - भारत

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

1 Jun, 2019

ब्रजभाषा साहित्य समिति, कोटा (राजस्थान) के तत्वावधान में दिनांक 18 मई 2019 को आयोजित माताश्री शान्ति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान…

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डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

डॉ. सुरंगमा यादव के आलेख संग्रह ’विचार प्रवाह’ का विमोचन

23 May, 2019

महामाया राजकीय महाविद्यालय, महोना, लखनऊ में दिनांक 9 व 10 फरवरी 2019 को आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में डॉ. सुरंगमा यादव,…

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ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

ओमप्रकाश क्षत्रिय शब्द-निष्ठा सम्मान हेतु चयनित

10 May, 2019

  रतनगढ़ - आचार्य रत्नलाल विज्ञानुग की स्मृति में शब्दनिष्ठा सम्मान देशभर की प्रसिद्ध साहित्यिक प्रतिभा और उन की कृति…

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साहित्य जगत - विदेश

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

6 Jun, 2019

भारतीय महावाणिज्य दूतावास हो ची मिन्ह सिटी वियतनाम, भारतीय व्यापार कक्ष वियतनाम और प्रमुख भारतीय संस्था परिकल्पना के संयुक्त तत्वावधान…

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टोरंटो में लिट फेस्टिवल

टोरंटो में लिट फेस्टिवल

27 May, 2019

पिट्सबर्ग (अमेरिका) से हिंदी व अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होने वाली साहित्य मासिक पत्रिका सेतु द्वारा टोरंटो में लिट फेस्टिवल…

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अमेरिका की फ़ोलसम नगरी ने मनाया हिंदी कवि का जन्मोत्सव

अमेरिका की फ़ोलसम नगरी ने मनाया हिंदी कवि का जन्मोत्सव

23 May, 2019

बायें - काव्य पाठ करते अभिनव शुक्ल दायें - सरस्वती वंदना करती दीप्ति शरण    मई १८, २०१९, फ़ोलसम, कैलिफोर्निया, संयुक्त…

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