अन्तरजाल पर आपकी मासिक पत्रिका

अन्तरजाल पर साहित्य-प्रेमियों की विश्राम-स्थली
वर्ष: 14, अंक 124,  मई अंक, 2018
ISSN 2292-9754

लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित। साहित्य कुंज में प्रकाशित रचनाओं में विचार लेखक के अपने हैं और साहित्य कुंज टीम का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है।
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; शायरी संपादक:- अखिल भंडारी
संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

कविता  नवगीत  |  शायरी  |  कहानी  |  लघु-कथा  |  सांस्कृतिक-कथा  |  आपबीती  |  आलेख  |  महाकाव्य  |
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संपादकीय – हिन्दी साहित्य के पाठक कहाँ हैं? भाग -4

जो आधुनिक साहित्य मुद्रित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से उपलब्ध है, क्या वह पर्याप्त रूप से समृद्ध है कि पाठक पुस्तक को पढ़ना उसके मनोरंज का मुख्य विकल्प बन सके। इस इंटरनेट के युग में लिखित साहित्य की प्रतिस्पर्धा मनोरंजन अन्य के विकल्पों से है।    

आपके पत्र - शुद्ध लेखन युक्तियाँ - पुस्तक बाज़ार.कॉम -
-
इस अंक के पत्र -

हिन्दी व्याकरण -   

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  
भारतकोश
हिन्दी साहित्य\
कविता का व्याकरण एवं छंद - भारतकोश
हिन्दी व्याकरण वीकिपीडिया
पूर्ण विराम के बाद एक स्पेस या डबल स्पेस


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इस अंक की कहानियाँ -
चाय की दुकान
मो. शफ़ीक़ अशरफ
धउका
सौरभ सतर्ष
समाधान
डॉ. रश्मि शील
हास्य-व्यंग्य - (आलेख) हास्य-व्यंग्य - कविता - सांस्कृतिक-कथा -
होली और राजनीति - हरि जोशी
बजट -  समीक्षा तैलंग
एक अदद नाले के अधिकार क्षेत्र का विमर्श’ - सुदर्शन कुमार सोनी
शोक सभा उर्फ टपाजंलि समारोह - डॉ. अशोक गौतम
घाव दिये जो गहरे, परदुख कातर - हरिहर झा राजा के नए कपड़े - डॉ. रश्मि शील
बाल साहित्य - लघु कथा -  साक्षात्कार-
जग में नाम कमाओ - नरेंद्र श्रीवास्तव
हमने मज़े उड़ाये - प्रभुदयाल श्रीवास्तव
बड़े मज़े का गाँव जी - डॉ. प्रमोद सोनवानी ‘पुष्प’
मैं पानी हूँ - डॉ. चंद्रेश कुमार छतलानी
टमराटा - दामोदर सिंह राजपुरोहित
हँसी - आँचल सिंह
भविष्य - श्रद्धा मिश्रा

परिचर्चा - शोध निबन्ध -   शोध निबन्ध -  
हिन्दी साहित्य के पाठक कहाँ हैं?
(
इस विषय पर आप सभी के विचार आमंत्रित हैं)
इस अंक में - धर्म जैन, समीक्षा तैलंग, अमिताभ वर्मा, अंजना वर्मा, मधु शर्मा
काशी नागरीप्रचारिणी सभा का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान - डॉ.. राकेश कुमार दूबे
हिंदी गद्य के विकास में आचार्य रामचंद्र शुक्‍ल और डॉ. रामविलास शर्मा की मान्‍यताएँ - अश्विनी कुमार लाल
नारी उत्पीड़न (प्रवासी महिला कहानी लेखन के संदर्भ में) - डॉ० मधु सन्धु
समकालीन लेखिकाओं के उपन्यासों में मानव-मूल्य - डॉ. राजकुमारी शर्मा
नागार्जुन की कविता में उपेक्षित समूह का स्वर - डॉ. बिभा कुमारी
स्त्री - उत्तर आधुनिकता, भूमंडलीकरण और बाज़ारवाद - प्रियंका कुमारी
आलेख - आलेख - अनूदित साहित्य

अभिशप्त बौद्धनगर और विषहरी देवी का मंदिर
डॉ. अशोक कुमार शुक्ला

आंतरिक जीवन ही महानता का सच्चा मार्गदर्शक है
शालिनी तिवारी
‘एक थका हुआ सच’ मानवता की हृदय-विदारक चीख
सिंध कराची की लेखिका
अतिया दाऊद के कवितायें
:सिंधी से हिंदी अनुवाद :
 देवी नागरानी
(सिन्धी काव्य का हिन्दी अनुवाद-2016)
कविताएँ - शायरी -
हे कृष्ण जब, दूध सी मेरी बातें, आपको मेरी रचना पढ़ने की आवश्यकता नहीं - महेश रौतेला
तुम कह दो, तरस - एस.के. गुडेसर 'अक्षम्य'
दुआएँ- श्रद्धा मिश्रा
देश और लकड़बग्घे, मेरी ग़ज़ल - अजय कुमार ‘अजेय’
कुंडलिया छंद - अमन चाँदपुरी
इतना प्यारा - सीमा ‘असीम’ सक्सेना
मेरे पिता मेरी अभिव्यक्ति, कविनिकेतन - प्रद्युम्न आर चौरे
लड़की, हादसा, ब्रूनो की बेटियाँ - डॉ. कंचन वर्मा
प्रायश्चित की वेला - डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव
याज्ञसेनी - मोहिनी झा
ऋतुराज बसंत - राजेश कुमार श्रीवास्तव
तेरे लिए..., सहज सा प्यार, मैं और हर दूसरा कोई, ख़त, आज - सुचेतना मुखोपाध्याय
भूख का इंक़लाब, ओ बेआवाज़ लड़कियो!, लंच बॉक्स से झाँकता समाजवाद - अपर्णा बाजपेई
कविता की पहचान, मैं पास तुम दूर खड़ी - प्रतिभा प्रसाद
एक दीया… - गौतम कुमार सागर
निर्झर नादिया सी मैं, औरत  मनीषा गुप्ता
पिता के कुछ ख़त - सतीश सिंह
माँ है अनुपम - डॉक्टर कनिका वर्मा
तरही ग़ज़ल अंतरजाल सम्मेलन
अखिल भंडारी
ग़ज़ल लिखने की कार्याशाला में भाग लें
हमेशा दोष मेरा ही रहा है - मानोशी चैटर्जी
तसव्वुर का नशा गहरा हुआ है - महावीर उत्तरांचली
ज़माने में धुँआ कैसा हुआ है - डॉ. अनिल चड्डा
किनारे पर खड़ा क्या सोचता है

अखिल भंडारी
यही मेरी मुहब्बत का सिला है
मोहन जीत ’तन्हा’

इक मुसाफ़िर राह से भटका हुआ - अखिल भंडारी
नवगीत - नवगीत - नवगीत समीक्षा
     
पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा-  पुस्तक समीक्षा / चर्चा- 

सुनो तो सही
डॉ. चंदन कुमारी

प्रेमचंद: किसानों के हमदर्द
अमर कुमार चौधरी

समकालीन-परिदृश्य की कहानियाँ:-काफिल का कुत्ता
रामप्रसाद राजभर
यात्रा संस्मरण - आप-बीती / संस्मरण - नाटक -
कनाडा डायरी के पन्ने
शावर पर शावर

सुधा भार्गव
पापा की आँखों से
एस.के. गुडेसर 'अक्षम्य'
 
साहित्यिक समाचार -

जो कहूँगी सच कहूँगी' पर परिचर्चा एवं संवाद
प्रणीता, अर्शदीप सिंह, श्रेया श्रुति

गोइन्का पुरस्कारों की घोषणा
कमलेश यादव
(कार्यकारी सचिव, कमला गोइन्का फाउण्डेशन)

डॉ. ऋषभदेव शर्मा सहित दस लेखक-पत्रकार सम्मानित
डॉ. चंदन कुमारी
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ में पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा) संकलन -
 
शकुन्तला
पूर्व खण्ड - प्रथम सर्ग
उदय-
7 8 9 10

महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
नागार्जुन
सूचना - साहित्य संगम -
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