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    दलित साहित्य
    दलित साहित्य दलित साहित्य और उसके होने की ज़रूरत डॉ. शैलजा सक्सेना दलित साहित्य उस समाज की सच्चाई से.. आगे पढ़ें
बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर हरीश नवल जी से एक मुलाक़ात
साहित्य के रंग शैलजा के संग - बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर हरीश नवल जी से एक मुलाक़ात

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

अपना घर

लतिका और मालती एक ही महाविद्यालय में शिक्षिका थीं। दोनों अलग-अलग विषय  पढ़ाती थीं। स्टाफ़ रूम में क्लास समाप्त होने पर सब शिक्षिकाएँ आती-जाती रहती थीं। यूँ तो मालती की लतिका से कुछ विशेष मित्रता नहीं थी, पर स्टाफ़ रूम आगे पढ़ें


इंतज़ाम

आज फिर सेठ जी के सीने में बहुत ज़्यादा दर्द हुआ। जैसे-तैसे वह हॉस्पिटल पहुँचे। डॉक्टर से बात की। डॉक्टर ने कह दिया, आपको तुरंत ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। उन्होंने तुरंत पैसे जमा करवाए और अगले दिन की तारीख़ ऑपरेशन के आगे पढ़ें


एक कलाकार की मौत

पता नहीं क्यों आज सुबह से ही मैं अपने हर कार्य में असफल हो रही हूँ। कोलकाता के लोकल ट्रेन का कोई भरोसा नहीं यह बात तो समझ में आती है, परन्तु अपने घर में, अगर एक बहुत पुरानी फोटो आगे पढ़ें


छठी 

(१)   गाड़ी अभी बालामऊ में ही थी जब माँ ने सीट के नीचे से सारा सामान निकालकर हमें सब समझा दिया– दोनों थैले सुमन के ज़िम्मे रहेंगे और खाने की टोकरी के साथ पानी का डिब्बा सुरेश के। लोहे आगे पढ़ें


झुमका

तुम्हें याद है बचपन में कैसे तुम मुझे अपनी साइकिल पर बिठा कर, हमारे गाँव के आख़िरी छोर पर स्थित एक चाय की टपरी पर ले जाते थे। मेरे हाथों में अपने हाथों की जकड़न और ज़्यादा करते हुए तुमने आगे पढ़ें


फटी-पुरानी चप्पल

"यह फटी-पुरानी चप्पल क्यों रखी है, माँ? भैया से नई क्यों नहीं मँगवा लेतीं?" लाड़ली बेटी ने विधवा माँ को उलाहना दिया। "अब हम कहाँ आते-जाते हैं कहीं कि नई चप्पल माँगें!" माँ बोलीं। "तुम न!" बेटी ने सोचते हुए आगे पढ़ें


मस्ती का दिन  

रविवार को पापा दफ़्तर नहीं जाते। मुझे पकड़कर देर तक सोए रहते हैं। हम साथ-साथ खेलते हैं। खाते हैं। चित्र बनाते हैं। पापा मुझे पार्क ले जाते हैं। वहाँ बहुत सारे पेड़ हैं और आस-पास ढेर सारी गिलहरियाँ। मैं उनके आगे पढ़ें


रिश्ते (डॉ. सुशील कुमार शर्मा)

अस्पताल में मोहन ने मास्टर जी के बिस्तर के नीचे अपनी चद्दर बिछायी और बैठ गया। "मोहन तुम सो जाओ जब ज़रूरत होगी बुला लूँगा," मास्टरजी ने कमजोर आवाज़ में कहा। "आप चिंता न करें मुझे नींद नहीं आ रही आगे पढ़ें


फ़ेस बुक-फ़ेक बुक 

वह बस से उतरी। रात के दो बजे थे और इस अनजान शहर में वह किसी को नहीं जानती थी। बस एक नाम था आयुष और जगह थी बड़ा बाजार। यहीं का उसने ज़िक्र किया था।  वह उसका फ़ेस बुक आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

कअमेरिका से भारत को दीवाली गिफ़्ट

अभी तक तो कमाल की कमला की ही भारत के तमिलनाडु के एक गाँव से रिश्तेदारी सुनी थी। कमला हैरिस जिनका कि अब अमेरिका का उप-राष्ट्रपति बनना तय है, ने अभी अपने एक भाषण में कहा भी कि उनकी माँ आगे पढ़ें


पंडित का ढोंग

लौहपथ गामिनी यान काशी में खड़ी होकर चली तो कोई ख़ास भीड़ न थी, जो काशी में चढ़े थे‚ उन्हें गंगा नदी तक आते-आते सीट मिल गयी। लोग करजोर गंगा मईया की पवित्रता और विशालता के आगे नतमस्तक होते। कितना आगे पढ़ें


मॉर्निंग वॉक और न्यू कुत्ता विमर्श

वैसे तो इन दिनों बिन पैसे लिए किसीके कोई जूते भी नहीं मारता, पर मेरी बात ज़रा और है। कोई माने या न, पर मैं बिन पैसों के आज भी उसी तरह मित्रहित में मित्रों को सलाह देता रहता हूँ, आगे पढ़ें


आलेख

व्यक्तित्व व आत्मविश्वास

व्यक्तित्व का अर्थ व्यक्ति के बाह्य रूप एवं पहनावे से लिया जाता है, परन्तु मनोविज्ञान में व्यक्तित्व का अर्थ व्यक्ति के रूप गुणों की समष्टि से है, अर्थात् व्यक्ति के बाह्य आवरण के गुण और आन्तरिक तत्व, दोनों को माना आगे पढ़ें


समीक्षा

देश-दुनिया के 'सवाल' और पत्रकारिता के 'सरोकार'

देश-दुनिया के 'सवाल' और पत्रकारिता के 'सरोकार'

समीक्षित पुस्तक : सवाल और सरोकार  लेखक : ऋषभदेव शर्मा  प्रकाशक : परिलेख प्रकाशन, नजीबाबाद  वितरक : श्रीसाहिती प्रकाशन, हैदराबाद/ मो. 9849986346.  संस्करण : 2020 पृष्ठ : 128  मूल्य : रु 140/-  समाचार पत्रों में सभी पृष्ठों का अपना-अपना महत्व आगे पढ़ें


मुट्ठी भर आकाश की खोज में: ‘रोशनी आधी अधूरी सी’ की शुचि 

मुट्ठी भर आकाश की खोज में: ‘रोशनी आधी अधूरी सी’ की शुचि 

समीक्ष्य पुस्तक: रोशनी आधी अधूरी सी लेखक: इला प्रसाद प्रकाशक: Bhavna Prakashan (1 जनवरी 2016) हार्डकवर: 164 पेज मूल्य: ₹350.00 प्रवासी लेखिका इलाप्रसाद के उपन्यास ‘रोशनी आधी अधूरी सी’ में शानदार भविष्य के लिए जी तोड़ परिश्रम करने वाले शोध आगे पढ़ें


संस्मरण

आशुतोष राणा -ज़मीं से फ़लक

(आशुतोष राणा के जन्मदिन पर विशेष )   जैसे सूर्योदय होने के पूर्व लालिमा आ जाती है, ऐसे ही महापुरुषों के आने से पूर्व शुभ संकेत हो जाया करते हैं, क्योंकि ‘अचिन्त्यो हि महात्मनां प्रभावः’ अर्थात् महात्माओं का प्रभाव अचिन्त्य आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

23 Nov, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड का 11वां वार्षिकोत्सव   नवंबर 17, 2019 मिसीसागा -  टोरोंटो में पिछले ग्यारह वर्षों से अपने एक…

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शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

25 Oct, 2019

१९ अक्तूबर २०१९—हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी ब्रैम्पटन लाइब्रेरी के सभागार में संपन्न हुई। पतझड़ के मोहक रंगों से…

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हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

28 Sep, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने 14 सितम्बर 2019 को अपनी मासिक गोष्ठी में ‘हिंदी दिवस’ का सुन्दर आयोजन किया। यह कार्यक्रम…

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साहित्य जगत - भारत

कविता संग्रह 'नक्कारखाने की उम्मीदें' का ऑन लाइन लोकार्पण/समीक्षा संगोष्ठी

कविता संग्रह 'नक्कारखाने की उम्मीदें' का ऑन लाइन लोकार्पण/समीक्षा संगोष्ठी

27 Jul, 2020

सुपेकर की कविताएँ पूर्वाग्रह मुक्त कविताएँ - श्री सतीश राठी नगर की प्रमुख साहित्यिक संस्था क्षितिज के द्वारा श्री संतोष…

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’अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ पुस्तक को ’इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्डस’ द्वारा मान्यता

’अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ पुस्तक को ’इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्डस’ द्वारा मान्यता

13 Jul, 2020

सुदर्शन सोनी द्वारा लिखी पुस्तक ’अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो’ एक ऐसा व्यंग्य संग्रह जिसके सभी 34 व्यंग्य केवल कुत्तों…

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अनिल शर्मा केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के नए उपाध्यक्ष 

अनिल शर्मा केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के नए उपाध्यक्ष 

30 Jun, 2020

27 जून 2020 (भारत): मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने अनिल कुमार शर्मा को केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल का…

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साहित्य जगत - विदेश

वातायन के इतिहास में एक शानदार सम्मान-समारोह

वातायन के इतिहास में एक शानदार सम्मान-समारोह

25 Nov, 2020

डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक’ और श्री मनोज मुंतशिर वातायन-यूके द्वारा सम्मानित   लंदन, 21 नवंबर 2020: वातायन का वार्षिक समारोह…

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तेजेन्द्र शर्मा के कविता संग्रह ‘टेम्स नदी के तट से’ का लोकार्पण नेहरू सेन्टर लंदन के मंच से...

तेजेन्द्र शर्मा के कविता संग्रह ‘टेम्स नदी के तट से’ का लोकार्पण नेहरू सेन्टर लंदन के मंच से...

29 Sep, 2020

• कथा यू.के. संवाददाता भारतीय उच्चायोग लंदन, नेहरू सेन्टर लंदन एवं एशियन कम्यूनिटी आर्ट्स ने एक साझे कार्यक्रम में तेजेन्द्र…

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ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

28 May, 2020

(सभी सम्मान लेखिकाओं को) ममता कालिया, उषाकिरण ख़ान, अनिलप्रभा कुमार, प्रज्ञा, रश्मि भारद्वाज तथा गरिमा संजय दुबे होंगे सम्मानित ढींगरा…

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फीजी का हिन्दी साहित्य

साहित्यकुञ्ज पत्रिका ’फीजी का हिन्दी साहित्य’ विषय पर नवंबर में विशेषांक प्रकाशित करने वाली हैं। उद्देश्य यह है कि फीजी की सांस्कृतिक और हिन्दी की साहित्यिक संपदा पाठकों के सामने रख सकें। हमारा फीजी के लेखकों और फीजी से जुड़े सभी लोगों से सादर आग्रह है कि आप अपनी कविताएँ, कहानियाँ, साहित्यिक लेख, संस्मरण, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि आदि साहित्यकुंज पत्रिका के लिए भेजियेगा। साहित्यकुंज पत्रिका के संपादक हैं: सुमन कुमार घई। इस विशेषांक की संपादक हैं: डॉ. शैलजा सक्सेना; सह-संपादक: सुभाषिणी लता कुमार (लौटुका, फीजी) ये रचनाएँ अक्तूबर 18, 2020 तक अवश्य भेज दीजिए। कृपया इन रचनाओं को आप इन ई-मेल पतों पर भेजिए: shailjasaksena@gmail.com sampadak@sahityakunj.net
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