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    सुषम बेदी -  श्रद्धांजलि और उनका रचना संसार
    सुषम बेदी - श्रद्धांजलि और उनका रचना संसार स्व. सुषम बेदी - परिचय   उपन्यासकार एवं लघुकथा लेखिका सुषम बेदी का जन्म फिरोजपुर.. आगे पढ़ें
कविता का मंच बनाम मंच की कविता: एक बैठक प्रसिद्ध कवि श्री आलोक श्रीवास्तव जी के साथ - साहित्य के रंग
कविता का मंच बनाम मंच की कविता: एक बैठक प्रसिद्ध कवि श्री आलोक श्रीवास्तव जी के साथ - साहित्य के रंग

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

उसे अच्छा समझती रही

मैं मकान का तीसरा फ़्लोर बनवा रहा था। उद्देश्य सिर्फ़ इतना था कि किराएदार रखकर मंथली इनकम और बढ़ाऊँ, क्योंकि दोनों बच्चे जूनियर हाईस्कूल पास कर चुके थे। आगे उनकी पढ़ाई के लिए और ज़्यादा पैसों की ज़रूरत पड़ेगी। मुझे आगे पढ़ें


ऊँची बोली

समाचारों में माँ को उनकी हत्या लाई थी। कारण दो थे। पहला, पप्पा ने माँ के लापता होने पर दर्ज करवाई गई अपनी एफ़आईआर में जिस बृजलाल का नाम संभावित अपहर्ता के रूप में लिया था उसी दिन दर्ज की आगे पढ़ें


जानकी का घर 

कई वर्ष पश्चात दूरदर्शन पर धारावाहिक 'रामायण' के पुनः प्रसारण से कौशल्या देवी बहुत ख़ुश थीं। सुबह के नौ बजते ही टेलीविजन के सामने हाथ जोड़ कर बैठ जाती थीं। आज रामायण देखते हुए वह अत्यंत भावविभोर हो रही थीं। आगे पढ़ें


जिस्म मंडी की रेशमा

सीमा परवीन उर्फ़ रेशमा को बेगमसराय के महबूबा जिस्म मंडी में उसके चाहने वाले उसके हसीन और आकर्षक जिस्म के कारण सनी लियोन के नाम से पुकारते थे। उसके आशिक़ों में सफ़ेदपोश, काले कोट और ख़ाकी वाले भी शामिल थे। आगे पढ़ें


दिल वाला टैटू

क्षमा मिश्रा नाम था उसका। लेकिन मोहल्ले के सारे लड़के उसे छमिया कह कर पुकारते थे। महज़ अठारह बरस की उम्र में मोहल्ले में हुई अठाईस झगड़ों का कारण बन चुकी थी वो। उसका कोई भी आशिक़ चार महीने से आगे पढ़ें


दूर के मज़दूर

"काए का कह रए?" कह कर बाबूलाल अपने अज़ीज़ दोस्त का मुँह देखने लगा। दोस्त, जिसे सभी हल्के कहा करते थे, स्कूल का नाम कुछ और होता, अगर गया होता! हल्के ने बक्से से सटते हुए कहा, "हम का बताएँ आगे पढ़ें


पप्पू का स्कूटर

भगवान ने इंसान बनाए, वही कुछ नमूने भी बनाए हैं। आज मैं उन्हीं में से एक नमूने पुष्पेंद्र उर्फ़ पप्पू की कहानी आप लोगों को सुना रहा हूँ, अपना पप्पू एक नंबर का फेंकू, झूठ बोलने में पारंगत था। ऐसा आगे पढ़ें


पॉलिश वाला

“थोड़ा आगे तक छोड़ देंगे।”  सुबह 10 बजे का वक़्त था। सरकारी स्कूलों का समय यही होता है। हाथ में बस्ता और मैली सी शर्ट, टाँके लगी पेंट और पैरों में हवाई चप्पल। शायद कोई सरकारी स्कूल का विद्यार्थी होगा आगे पढ़ें


भूमि-पूजन

आज मशहूर बसेरा बिल्डर्स के नये अपार्टमेंट के भूमि-पूजन समारोह में शहर के नामी-गिरामी लोगों का हुजूम सुंदर-सुवासित परिधानों में जुटा हुआ था। जिस ज़मीन पर इस अपार्टमेंट की नींव रखी जाने वाली थी, वह कई एकड़ लंबी-चौड़ी लीची बागान आगे पढ़ें


मज़दूर

कामिनी देवी जब कभी भी अपने राइस मिल पर जाती थीं, माधो से ज़रूर मिलती थीं। माधो उनकी राइस मिल में कोई बड़ा कर्मचारी नहीं, बल्कि एक मज़दूर था। राइस मिल में काम करने वाले सभी लोगों का मानना था आगे पढ़ें


यह कौन-सा रिश्ता?

विभा के पति का निधन हाल में ही हुआ था और अभी तक वह अपने को सामान्य नहीं कर पायी थी। वह उदासी में डूबी बाहर बरामदे में बैठी थी कि उसने देखा दो किन्नर अहाते के भीतर चले आ आगे पढ़ें


लॉकडाउन (डॉ. मंजु शर्मा)

“माँ! ओ माँ! कुछ खाने को दो न,” छोटू के होठों पर भूख पपड़ी जम आई थी। पाँच बरस के छोटू ने पल्ला खींचते हुए ज़िद की।  “हूँ,” एक कराहती देह जो टूटी चटाई के तारों से लगी हुई थी, आगे पढ़ें


लॉकडाउन में माँ की सीख

धप्प!!! रोहित चैन से बेड पे उछल के सो गया। उसने राहत की साँस ली। आऽऽ आऽऽ हा!! वो अपनी माँ को दीदी के घर छोड़ के वापस आया था। आज रात के बाद "कोरोना वायरस" के कारण प्रधानमंत्री जी आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

कड़वी सच्चाई

धत्त तेरी की! हाय रे ये ज़माने की मार!  कितना बदल गया संसार, धत्त तेरी की!! धर्म हो गया अब व्यापार, धत्त तेरी की!  अंधा हो गया ये संसार, धत्त तेरी की!! पश्चिमी सभ्यता ली उधार, धत्त तेरी की! भाई आगे पढ़ें


चौबे चले छब्बे बनने, दुबे बन कर लौटे

जब से ई मुआ कोरोना आया है तब से चौबाइन बड़ी परेशान है। चौबाइन अपने घर के अंदर से कोरोना को गरियाते हुये बाहर निकली तो कुछ लौंडे लपाड़िए निहायत ही निठल्ले से उसके घर के सामने मटरगश्ती करते नज़र आगे पढ़ें


डोमेस्टिक चकित्सक के घर कोराना

लॉक-डाउन में बैठै-ठाले, पेट पर हाथ फेरते-फेरते एकाएक दिमाग़ में क्रिएटिव सोच आई कि कोरोना से लड़ने-भिड़ने के लिए जब चीन, अमेरिका, इटली, फ़्राँस की लैब से लेकर जब मेरे मुहल्ले तक में कोई न कोई, कुछ न कुछ बना आगे पढ़ें


नासमझ मजदूर

"सरकार हमें घर की याद आ रही, अब हम घर जाना चाहते हैं। अब यहाँ रहा नहीं जाता!!"  "क्यों भाई ऐसा क्या??" सरकार ने घुड़कते हुए कहा। उन्होंने समझाया कि ऐसी बीमारी में यात्रा करना, बीमारी को बढ़ावा देना है। आगे पढ़ें


वादा तेरा वादा

“परनिंदा जे रस ले करिहैं  निसच्य ही चमगादुर बनिहैं” अर्थात जो दूसरों की निंदा करेगा वो अगले जन्म में चमगादड़ बनेगा।  परनिंदा का अपना सुख है, ये विटामिन है, प्रोटीन डाइट है और साहित्यकार के लिये तो प्राण वायु है। आगे पढ़ें


श्वान कुनबे का लॉक-डाउन को कोटिशः धन्यवाद

हम श्वान कुनबे के सभी तरह की पूँछों के धारी आज सामने लॉक-डाउन और पीठ पीछे कोरोना को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं कि आप की दया-धर्म के चलते देश में तीन सप्ताह का पूर्ण लॉक-डाउन सफलतापूर्वक चल रहा है। हाँ आगे पढ़ें


ख़ाली दीवार

कुछ लोगो के पास मैडल नहीं मेडल्स होते हैं और वह भी इतने कि कभी-कभार सोचता हूँ कि भई एक-आध अपने पास भी रहे तो कमरे की शोभा बढ़े। जिस मित्र के घर जाता हूँ वहाँ उसके कमरे या दीवाल आगे पढ़ें


आलेख

कबीर का एकेश्वरवाद : हिन्दू -मुस्लिम से पृथक एक स्वतंत्र आध्यात्मिक /धार्मिक चिंतन

कबीर की विश्व दृष्टि का आधार उन का एकेश्वरवाद है। आत्मसातीकरण की प्रक्रिया के तहत कबीर की जो चीज़ सब से अधिक प्रभावित हुई है वह है उन का दर्शन। कहने को तो कहा जाता है कि कबीर की आत्मसात आगे पढ़ें


गाँधीजी का दूत

(रचनाकाल – 1967)   भारत की आज़ादी की लड़ाई में बड़े-बड़े नेताओं को याद करते समय हम उनके सहयोगियों की भूमिका अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया करते हैं। लेकिन सच तो यह है कि इन अल्पज्ञात व्यक्तियों के योगदान के ज़िक्र आगे पढ़ें


भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संचेतना

शोधसार - भारतीय संस्कृति में पर्यावरण को दैवतुल्य स्थान प्राप्त है। भारतीय संस्कृति में वेदों, पुराणों, धार्मिक ग्रन्थों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। आदिम सभ्यता से ही प्रकृति के विविध रूपों यथा - सूर्य, चन्द्रमा, धरती, नदी, पर्वत, पीपल, आगे पढ़ें


रामायण में स्त्री पात्र

रामायण संस्कृत साहित्य के इतिहास में उन विशिष्ट कृतियों में से एक है, जिसने परिवार और सामाजिक आदर्शों के माध्यम से जीवन में व्यापक दृष्टि को पेश किया है। भारत में वेद, पुराण और महाकाव्य भारतीय चिंतन और संस्कृति के आगे पढ़ें


लोकतंत्र से अपना हक़ माँगते थर्ड जेंडर

(रचनात्मक संसार का लेखा जोखा)   "मुन्नी या दीपिका (या प्रियंका, शबनम, रोज़ी, श्रीदेवी, माधुरी और अब आलिया आदि) का मोक्ष गमन हो गया है। तीये की बैठक सामुदायिक भवन में कल शाम चार बजे होगी। पुण्यात्मा की शांति के आगे पढ़ें


समीक्षा

अभी न होगा मेरा अंत : निराला का पुनर्पाठ

अभी न होगा मेरा अंत : निराला का पुनर्पाठ

समीक्ष्य पुस्तक : अभी न होगा मेरा अंत निराला लेखिका : उषारानी राव प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर प्रथम संस्करण : जनवरी, 2020 पेपरबैक पृष्ठ संख्या : 120 छायावादी कविता के प्रमुख उन्नायकों में एक सूर्यकांत त्रिपाठी निराला अपने काव्य आगे पढ़ें


ओ नानका, तूने ठीकरी नूं सुवर्ण कर दियासी

ओ नानका, तूने ठीकरी नूं सुवर्ण कर दियासी

(एक मिस्ट्री लेखक की आत्मकथा के साथ सत्तर वर्षों की देश यात्रा) पुस्तक : हम नहीं चंगे बुरा न कोय (आत्मकथा)  मूल्य : 299 रुपए पेपरबैक लेखक : सुरेन्द्र मोहन पाठक।  संस्करण : 2019 प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन, दिल्ली आज आगे पढ़ें


थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियाँ

थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियाँ

समीक्षित कृति : थर्ड जेंडर: हिंदी कहानियाँ संपादक : डॉ. एम फिरोज़ खान प्रकाशक : अनुसंधान पब्लिशर्स एण्ड डिस्ट्रिब्यूटर्स 105/106 चनमगंज, कानपुर-208001 (उ प्र)     ISBN : 978-81-931165-5-5      डॉ. एम फिरोज़ खान द्वारा संपादित ‘थर्ड जेंडर : हिंदी कहानियाँ’ आगे पढ़ें


हिल स्टेशन की शाम— व्यक्तिगत अनुभवों की सृजनात्मक परिणति 

हिल स्टेशन की शाम— व्यक्तिगत अनुभवों की सृजनात्मक परिणति 

पुस्तक : हिल स्टेशन की शाम (कहानी-संग्रह) लेखक : पद्म गुप्त अमिताभ प्रकाशक : अभिव्यक्ति प्रकाशन 29/61, गली नं. 11, विश्वास नगर, दिल्ली-110032  “हिल स्टेशन की शाम” पद्म गुप्त अमिताभ का पहला कहानी-संग्रह है। इससे पहले उनका एक काव्य-संग्रह 1987 आगे पढ़ें


संस्मरण

मेरे अम्बेडकर मेरे जीवन आदर्श

प्रत्येक मनुष्य के जीवन में कोई न कोई होता है जो आपको समाज को बदलने व रूढ़ियों के ख़िलाफ़ खड़ा होना सिखाता है। ऐसे ही एक व्यक्ति मेरे जीवन में भी थे। जिनको लोग बीडीओ साहब कहते कुछ लोग पूरन आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

23 Nov, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड का 11वां वार्षिकोत्सव   नवंबर 17, 2019 मिसीसागा -  टोरोंटो में पिछले ग्यारह वर्षों से अपने एक…

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शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

25 Oct, 2019

१९ अक्तूबर २०१९—हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी ब्रैम्पटन लाइब्रेरी के सभागार में संपन्न हुई। पतझड़ के मोहक रंगों से…

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हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

28 Sep, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने 14 सितम्बर 2019 को अपनी मासिक गोष्ठी में ‘हिंदी दिवस’ का सुन्दर आयोजन किया। यह कार्यक्रम…

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साहित्य जगत - भारत

संक्रामक समय में आशावादी लघुकथाओं का आयोजन

संक्रामक समय में आशावादी लघुकथाओं का आयोजन

28 May, 2020

 क्षितिज संस्था की संकल्पना क्षितिज साहित्य मंच, इंदौर के द्वारा दिनांक 26 मई 2020 शनिवार शाम 4:00 बजे एक ऑनलाइन…

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लॉकडाऊन में रचनाधर्मिता को नवीन आयाम : क्षितिज की ऑनलाइन सार्थक लघुकथा ऑडियो गोष्ठी

लॉकडाऊन में रचनाधर्मिता को नवीन आयाम : क्षितिज की ऑनलाइन सार्थक लघुकथा ऑडियो गोष्ठी

26 Apr, 2020

लघुकथा प्रवासी और टेक दुनिया के अंतरंग का हिस्सा- श्री बीएल आच्छा श्री बलराम अग्रवाल (दिल्ली) कोरोना वायरस के कारण…

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'इंडियन पोएट्री इन इंग्लिश— पेट्रीकॉर' का लोकार्पण

'इंडियन पोएट्री इन इंग्लिश— पेट्रीकॉर' का लोकार्पण

12 Mar, 2020

पटना, मार्च 06, 2020 -  शुक्रवार को अँग्रेज़ी के जाने-माने साहित्यकार, कवि एवं टीपीएस कॉलेज के अँग्रेज़ी विभाग के आचार्य…

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साहित्य जगत - विदेश

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

28 May, 2020

(सभी सम्मान लेखिकाओं को) ममता कालिया, उषाकिरण ख़ान, अनिलप्रभा कुमार, प्रज्ञा, रश्मि भारद्वाज तथा गरिमा संजय दुबे होंगे सम्मानित ढींगरा…

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डॉ. सुषम बेदी की स्मृति में भावपूर्ण ज़ूम श्रद्धांजलि सभा 

डॉ. सुषम बेदी की स्मृति में भावपूर्ण ज़ूम श्रद्धांजलि सभा 

25 May, 2020

दिनांक 15 मई, 2020 को शीर्ष प्रवासी साहित्यकार श्रीमती सुषम बेदी की स्मृति में वैश्विक हिंदी परिवार (वाटस्एप समूह) द्वारा…

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फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

15 Jan, 2020

११ जनवरी २०२०, फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका। "विश्व हिंदी दिवस" के सुअवसर पर सैक्रामेंटो तथा आस पास के क्षेत्रों…

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