हिन्दी पत्रिकाओं के संपादन की चुनौतियाँ
हिन्दी पत्रिकाओं के संपादन की चुनौतियाँ

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

अस्तित्व

बचपन से ही माँ ने उसे बेटा बनाकर पाला था। "यह मेरा राजा बेटा है, दुलारा है प्यारा है" कहकर लाड़ लड़ाती रही। माँ के लिये वह बेटी नहीं बेटा थी। वह दुनिया से यही कहती "लड़कियाँ लड़कों से कम आगे पढ़ें


एकांत का अंत 

एक घंटे से अधिक समय बीत चुका था। यह अहसास अब और भी गहराने लगा कि सचमुच मैं ऐसी जगह पर हूँ जहाँ होना तो चाहता था लेकिन अभी तक पहुँच नहीं पाया था। अब मैं और मेरे बीच किसी आगे पढ़ें


मेरा आख़िरी आशियाना - 2

एक ज्योतिषी एवं रत्नों के विशेषज्ञ तारकेश्वर शास्त्री जी का बाबूजी के जमाने से घर पर आना-जाना था। माँ ने उनके ही कहने पर मुझे लहसुनिया नामक रत्न चाँदी की अँगूठी में बनवा कर पहनाया था। बाबूजी के स्वर्गवास के आगे पढ़ें


रेशमा आ गई

रेशमा ने घर की दहलीज़ पर क़दम बढ़ाते हुए चारों-ओर नज़र दौड़ाई, एक ख़ामोश वातावरण, खालीपन के साथ चारों-ओर चुप्पी नज़र आई। उसे याद आया कभी यहाँ इंसानों की चहल-क़दमी, हँसी के ठहाकों के साथ मेहमानों व पड़ोसियों का मेला आगे पढ़ें


अंडा

मिश्रा जी अभी तक'ब्राह्मणत्व' का हवाला देकर अंडा, मुर्गी और मांस-मछली जैसी चीज़ों से परहेज़ कर रखा था। लेकिन वक़्त की अंगड़ाई के साथ परिवार की युवा पीढ़ी मांसाहार के मोहपाश से अपने आप को दूर नहीं रख पाई थी। आगे पढ़ें


उपहार

"ब्रेड ले लो... ब्रेड,"... आवाज़ सुनकर वे बच्ची के लिये ब्रेड लेने बाहर आये तो देखकर अवाक रह गये। ब्रेड बेचने वाला उनकी ही कक्षा का छात्र दीपेश था। "दीपेश तुम..?" "हाँ सर। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। आगे पढ़ें


पुराना अख़बार

मैं कमरे की सफ़ाई कर रहा था। अचानक मेरी पुरानी दराज़ में से एक अख़बार व कुछ दस्तावेज़ दिखे अख़बार लगभग तीस साल पुराना होगा। मैं ज़रूरी दस्तावेज़ को भूल उस अख़बार को निहारने लगा। ख़बर छपी थीं अनेकों पर आगे पढ़ें


रामनवमी का जुलूस

वर्मा जी पिछल वर्ष रामनमवी के दिन बाज़ार जाने में हुई कठिनाइयों को स्मरण कर,अपनी पत्नी को साफ़ मना कर दिया कि आज किसी क़ीमत पर बाज़ार नहीं निकलूँगा। कल शॉपिंग करूँगा। लेकिन श्रीमती वर्मा की ज़िद के आगे वर्मा आगे पढ़ें


सुबह

अर्णव और राघव दोनों कक्षा 9 में पढ़ते थे। कक्षा में भी पास ही बैठते थे। दोनों के बीच अच्छी मित्रता हो गई थी। दोनों पढ़ने में होशियार भी थे। दोनों का घर भी पास-पास ही था। राघव के पिताजी आगे पढ़ें


बल्ला

शर्माजी ने अपने बेटे महीप के लिये 500/- में एक क्रिकेट का बल्ला ख़रीदा और दुकान से बाहर निकलकर थोड़ी दूर जाकर अपने मित्र वर्माजी का इंतज़ार करने लगे। तभी उन्होंने देखा कि बारह-तेरह साल के दो बच्चे स्कूल की आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

असहिष्णु कुत्ता 

("अगले जनम मोहे कुत्ता कीजो" व्यंग्य संग्रह से)   मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मेरे इस डॉगी को अचानक क्या हो गया है? डॉगी न रोज़ अख़बार पढ़ता है, न टीवी देखता है फिर उसमें आख़िर यह आगे पढ़ें


यान के इंतज़ार में चंद्र सुंदरी

यह क़िस्सा उसके बाद का है जब अवैध धंधों और संबंधों के अनगिनत तमगों के विजेता इंस्पेक्टर मातादीन चाँद प्रशासन के आग्रह पर उनके पुलिस विभाग में क्रांतिकारी सुधार लाने के इरादे से पुलिस सेवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत अपनी आगे पढ़ें


हवाई, हवाई-भत्ता 

ख़बर आई है कि कुछ माननीयों ने अपने गाँव तक के लिये हवाई यात्रा का भत्ता वसूल लिया। तो इसमें कौन सी आफ़त आ गयी। जब भगीरथ ऊँचे हिमालय पर चढ़ कर गंगा को अपने घर तक ले जा सकते आगे पढ़ें


आलेख

जात-पांत और छुआछूत  पर प्रहार करता गुरु गोबिन्द सिंह का युद्ध-दर्शन

शान्ति की कितनी भी कामना क्यों न की जाए, युद्ध मनुष्य की नियति है। इसके बिना वह कभी जिया नहीं, न ही इसके बिना वह कभी जी सकेगा। पश्चिमी देशों में युद्ध के मनोविज्ञान पर बहुत काम किया गया है। आगे पढ़ें


समीक्षा

घर-घर पढ़ा जाने वाला उपन्यास - ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’

घर-घर पढ़ा जाने वाला उपन्यास - ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’

घर-घर पढ़ा जाने वाला उपन्यास - ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’ पुस्तक : जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था (उपन्यास) लेखक : पंकज सुबीर प्रकाशन : शिवना प्रकाशन, पी.सी. लैब, सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट, सीहोर, मप्र, 466001, दूरभाष- 07562405545  प्रकाशन वर्ष : आगे पढ़ें


हमेशा क़ायम नहीं रहतीं ‘सरहदें’ : सुबोध

हमेशा क़ायम नहीं रहतीं ‘सरहदें’ : सुबोध

समीक्ष्य पुस्तक : सरहदें (कविता संग्रह) लेखक : सुबोध श्रीवास्तव प्रकाशक :अंजुमन प्रकाशन, 942, आर्य कन्या चौराहा, मुठ्ठीगंज, इलाहाबाद – 211003 संस्करण : 2016 पृष्ठ : 96 मूल्य : ₹ 120    समीक्षक : ऋषभदेव शर्मा ‘सरहदें’ (2016) सुबोध श्रीवास्तव आगे पढ़ें


शिशु गीत लेखन के संदर्भ में ’शिशु गीत सलिला’ - एक अध्ययन

शिशु गीत लेखन के संदर्भ में ’शिशु गीत सलिला’ - एक अध्ययन

शिशु गीत सलिला संपादक : स्मृतिशेष कृष्ण शलभ प्रकाशक : नीरजा स्मृति बाल साहित्य न्यास  एल 167 - 168 पैरामाउंट ट्यूलिप, दिल्ली रोड़ - सहारनपुर  पिन - 247001, उत्तरप्रदेश  वितरक : मेधा बुक्स, एक्स - 11, नवीन शाहदरा दिल्ली  पिन आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

29 Jun, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की जून गोष्ठी आठ जून को स्प्रिंगडेल लाइब्रेरी के कमरे में यथासमय १:३० बजे बहुत धूमधाम से…

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जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

5 Jun, 2019

मई 11, 2019 को ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की स्प्रिंगडेल शाखा में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न…

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राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

17 Apr, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की अप्रैल, 2019 मासिक गोष्ठी   ’हिन्दी साहित्य में राम के विभिन्न रूप’ विषय पर इस शनिवार,…

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साहित्य जगत - भारत

पंकज सुबीर के नए उपन्यास ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’ का विमोचन

पंकज सुबीर के नए उपन्यास ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’ का विमोचन

20 Jul, 2019

"एक रात की कहानी में सभ्यता समीक्षा है ये उपन्यास"- डॉ. प्रज्ञा शिवना प्रकाशन द्वारा आयोजित एक गरिमामय साहित्य समारोह…

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गुरुपूर्णिमा पर्व के अवसर पर सम्मानित हुए क़लम-कला साधक 

गुरुपूर्णिमा पर्व के अवसर पर सम्मानित हुए क़लम-कला साधक 

20 Jul, 2019

आगरा- विश्वशांति मानव सेवा समिति के कार्यालय में बृजलोक साहित्य-कला-संस्कृति अकादमी के सौजन्य से देशभर के साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों को…

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साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

1 Jun, 2019

ब्रजभाषा साहित्य समिति, कोटा (राजस्थान) के तत्वावधान में दिनांक 18 मई 2019 को आयोजित माताश्री शान्ति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान…

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साहित्य जगत - विदेश

कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

21 Jul, 2019

लंदन, 17 जुलाई 2019 – वातायन पोएट्री ऑन साउथ बैंक द्वारा नेहरु सेंटर-लंदन में एक विशेष साहित्यिक समारोह का आयोजन…

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वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

6 Jun, 2019

भारतीय महावाणिज्य दूतावास हो ची मिन्ह सिटी वियतनाम, भारतीय व्यापार कक्ष वियतनाम और प्रमुख भारतीय संस्था परिकल्पना के संयुक्त तत्वावधान…

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टोरंटो में लिट फेस्टिवल

टोरंटो में लिट फेस्टिवल

27 May, 2019

पिट्सबर्ग (अमेरिका) से हिंदी व अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होने वाली साहित्य मासिक पत्रिका सेतु द्वारा टोरंटो में लिट फेस्टिवल…

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