'बारिशगर' और 'मल्लिका' उपन्यासों पर बातचीत- डॉक्टर रोहिणी अग्रवाल के साथ
'बारिशगर' और 'मल्लिका' उपन्यासों पर बातचीत- डॉक्टर रोहिणी अग्रवाल के साथ

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

अन्ततः

रात्रि अपने यौवन पर थी पर उसकी आँखों में नींद नहीं थी। रह रह कर विवेक के बारे में ख़्याल आ रहा था। उसके मन में एक ही विचार उद्वेलित हो रहा था कि वह जो कर रही है क्या आगे पढ़ें


बीन्स की आधी फली

मेरे मुहल्ले में हर बुधवार बड़ी चहल-पहल होती है। सड़क पर उस रात नौ बजे सन्नाटा नहीं हो जाता, फल-सब्ज़ी और छोटी-मोटी घरेलू चीज़ें बेचनेवाले देर तक रास्ता-किनारे दुकान लगाये रहते हैं, हाँक लगाते रहते हैं, मोलभाव करते रहते हैं। आगे पढ़ें


मेरा आख़िरी आशियाना - 4

ऑफ़िस के पास पहुँचते ही मेरी आधी जान ऐसे ही निकल जाती थी। खुरार्ट ने दो-तीन दिन में ही मेरी हालत समझ लीे तो बोला, "आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। मैं सबके लिए बुरा आदमी नहीं हूँ। अगर आगे पढ़ें


लिफ़ाफ़ा

अच्छी ख़ासी ठंड है। शब्द उड़ते पंछी की तरह आ रहे हैं। इतने में सुधांशु आकर मेरे बगल में बैठ जाता है। कहता है क्या लिख रहे हो? मैं उसे काग़ज़ थमा देता हूँ। उसमें लिखा है, "मैं झील के आगे पढ़ें


ऑफ़िशियल विज़िट

नए पदाधिकारी का पहला ऑफिसीयल विज़िट था। उनको अपने सारे कर्मचारियों से इन्टरेक्ट करना था। सारे कर्मचारी ऑफ़िसर की आवाभगत में लगे हुए थे। किसी को ख़ुद का ट्रान्सफर रुकवाना था तो किसी को अपना प्रमोशन करवाना था। सारे कर्मचारी आगे पढ़ें


काग़ज़ की संतान

सरकारी आदेश पढ़ते ही उनकी बाँछें खिल गयीं। सरकारी नौकरी कर रही महिलाओं को छह माह का प्रसूति अवकाश एवं दो वर्ष का लालन-पालन अवकाश दिया जाएगा। उनकी पहली संतान को पैदा हुए अट्ठारह वर्ष से अधिक समय हो चुका आगे पढ़ें


वर्चस्व

रियासत और सियासत दोनों में वर्चस्व को लेकर जंग होने लगी। रियासत ने अपना मुँह टेढ़ा करते हुए कहा, "मैं तुमसे बड़ी हूँ।" सियासत ने अपने बाजू फड़काते हुए कहा, "मैं तुमसे ज़्यादा महत्वपूर्ण हूँ।" रियासत और सियासत दोनों ही आगे पढ़ें


जनतंत्र उर्फ़ जानवर तंत्र

‘मलाईदार विभाग के लिये बंदर-बांट जारी’ अख़बार में ख़बर पढ़ते ही बंदर की खोपड़ी घूम गयी। उसने फ़ौरन शेर के दरबार पहुँच गुहार लगायी, "महराज, क़सम ऊपर वाले की जो किसी बंदर ने कभी मलाई खाई हो लेकिन जब भी आगे पढ़ें


बाग़ान - 1

आपको पता है कि हम इन्सानों की पूरी ज़िंदगी किसके चारों ओर घूमती हुई निकल जाती है? आप कहेंगे- परिवार, बाल बच्चे, घर-बार, लेकिन नहीं। हमारी ज़िंदगी निकल जाती है नौकरी के चारों ओर घूमते हुए। मैं गँवार अनपढ़ आदमी, आगे पढ़ें


जंगल बुक - 1 कोई हमारी भी सुनो

(पात्र: तोता, हाथी, ज़ेब्रा, बगुला, शेर, नेता, पंत प्रधान) तोता क्यों ज़ेब्रा जंगल के क्या हाल हैं? ज़ेब्रा क्यों तुम्हें नहीं मालूम क्या, कहीं बाहर गए थे क्या? तोता नहीं यार आदमी ने पकड़ लिया था, बड़ी मुश्किल से छूट आगे पढ़ें


जंगल बुक -2 हिंदी पर चर्चा

(पात्र -शेर, हाथी, ज़ेब्रा, जिराफ, लोमड़, तोता, गधा, गोरैया, कोयल)   (आज पंद्रह सितंबर को जंगल में हिंदी दिवस मनाने का संकल्प इससे पहली वाली बैठक में पारित हुआ था अतः आज जंगल के सभी निवासी इस सभा में हिंदी आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

आसमान से गिरे...

आसमान से गिरते हुए मैंने बहुतों को देखा है, मगर किसी मुहावरे माफ़िक खजूर में लटका किसी को नहीं पाया..। एक तो अपने इलाक़े में दूर-दूर तक खजूर के पेड़ नहीं, दूजा आसमान को छूने वाले आर्मस्ट्रांग नहीं। किसी काम आगे पढ़ें


उनका न्यू मोटर वीइकल क़ानून

इधर नया मोटर वीइकल नियम आया तो उधर मेरे पड़ोसी के बारह हज़ार के स्कूटर का पच्चीस हज़ार का चालान हो गया। वह रोता हुआ चालान के पैसे चुकाने बारे मुझसे उधारी करने शाम को रोता हुआ अपुन के घर आगे पढ़ें


डबल  जन्मतिथि का चक्कर

आज दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली आर्थिक विकास दर हमारे देश की है, तो दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली जनशक्ति दर में भी हमारा देश किसी से पीछे नहीं है। हम हर साल अपनी जनसंख्या में आगे पढ़ें


नॉट आउट @हंड्रेड

"ख़्व्वाबों, बाग़ों, और नवाबों के शहर लखनऊ में आपका स्वागत है" यही वो इश्तहार है जो उन लोगों ने देेखा था जब लखनऊ की सरज़मीं पर पहुँचे थे। ये देखकर वो ख़ासे मुतमइन हुए थे। फिर जब जगह-जगह उन लोगों आगे पढ़ें


आलेख

हिंदी : हमारी अस्मिता की भाषा

(हिंदी दिवस पर विशेष) हिंदी दिवस के अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ! हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं, इसके पीछे निहित कारण हम सब जानते ही हैं। मैं तो बस यही कहना चाहूँगी कि इसे केवल एक औपचारिकता न आगे पढ़ें


हिंदी भाषा की उत्पत्ति एवं विकास एवं अन्य भाषाओं का प्रभाव

(हिंदी दिवस पर विशेष )   प्रारम्भिक अवस्था में मानव ने अपने भावों-विचारों को अपने अंग संकेतों से प्रेषित किया होगा बाद में इसमें जब कठिनाई आने लगी तो सभी मनुष्यों ने सामाजिक समझौते के आधार पर विभिन्न भावों, विचारों आगे पढ़ें


हिन्दी : भारतीयता की पहचान

भाषा के रूप में हिन्दी न सिर्फ़ भारत की पहचान है बल्कि यह हमारे जीवन मूल्यों, संस्कृति एवं संस्कारों की सच्ची संवाहक, संप्रेषक और परिचायक भी है। बहुत सरल, सहज और सुगम भाषा है। सभी भारतीय भाषाओं की बड़ी बहन आगे पढ़ें


समीक्षा

यथार्थ की खूँटी पर सपनों का आकाश

यथार्थ की खूँटी पर सपनों का आकाश

समीक्षित पुस्तक : खूँटी पर आकाश (निबंध संग्रह) लेखक : ज्ञानचंद मर्मज्ञ  संस्करण : 2018 पृष्ठ : 112  मूल्य : रु. 200   प्रकाशक : ज्ञानचंद मर्मज्ञ, नं.13, तीसरा क्रॉस, के.आर.लेआउट, छठवाँ फेज, जे.पी.नगर,        बेंगलूरू – 560078. मोबाइल आगे पढ़ें


संस्मरण

39 - चित्रकार का आकाश

चित्रकार का आकाश 24 अगस्त 2008 इस  विराट आकाश के नीचे जहाँ-तहाँ अद्भुत रंगों की झलक देखते ही उस ओर खिंची चली जाती हूँ। कनाडा में तो रंग-बिरंगे फूलों ने मेरा मन ही मोह लिया। मॉल(shopping centre) में अनोखी आभा आगे पढ़ें


ममतामयी मिसेज़ वास : एक संस्मरण

आजकल अधिकतर देशों में नारी पुरुष दोनों ही काम करते हैं। अतः उनके छोटे बच्चों के देख-रेख की समस्या भी दिनों दिन बढ़ रही है। टूटते हुए संयुक्त परिवारों ने भी इस समस्या में वृद्धि की है। एक बात और आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

परमजीत दियोल के काव्य-संग्रह "हवा में लिखी इबारत" का लोकार्पण

29 Jun, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की जून गोष्ठी आठ जून को स्प्रिंगडेल लाइब्रेरी के कमरे में यथासमय १:३० बजे बहुत धूमधाम से…

आगे पढ़ें
जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

जल है तो कल है - हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मई मासिक गोष्ठी

5 Jun, 2019

मई 11, 2019 को ब्रैम्पटन लाइब्रेरी की स्प्रिंगडेल शाखा में हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न…

आगे पढ़ें
राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

राम तुम्हारा वृत्त स्वयं ही काव्य है…

17 Apr, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की अप्रैल, 2019 मासिक गोष्ठी   ’हिन्दी साहित्य में राम के विभिन्न रूप’ विषय पर इस शनिवार,…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - भारत

पंकज सुबीर के नए उपन्यास ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’ का विमोचन

पंकज सुबीर के नए उपन्यास ‘जिन्हें जुर्म-ए-इश्क़ पे नाज़ था’ का विमोचन

20 Jul, 2019

"एक रात की कहानी में सभ्यता समीक्षा है ये उपन्यास"- डॉ. प्रज्ञा शिवना प्रकाशन द्वारा आयोजित एक गरिमामय साहित्य समारोह…

आगे पढ़ें
गुरुपूर्णिमा पर्व के अवसर पर सम्मानित हुए क़लम-कला साधक 

गुरुपूर्णिमा पर्व के अवसर पर सम्मानित हुए क़लम-कला साधक 

20 Jul, 2019

आगरा- विश्वशांति मानव सेवा समिति के कार्यालय में बृजलोक साहित्य-कला-संस्कृति अकादमी के सौजन्य से देशभर के साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों को…

आगे पढ़ें
साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

1 Jun, 2019

ब्रजभाषा साहित्य समिति, कोटा (राजस्थान) के तत्वावधान में दिनांक 18 मई 2019 को आयोजित माताश्री शान्ति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान…

आगे पढ़ें

साहित्य जगत - विदेश

कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

21 Jul, 2019

लंदन, 17 जुलाई 2019 – वातायन पोएट्री ऑन साउथ बैंक द्वारा नेहरु सेंटर-लंदन में एक विशेष साहित्यिक समारोह का आयोजन…

आगे पढ़ें
वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिन्दी उत्सव में डॉ. रवीन्द्र प्रभात के नेतृत्व में हिस्सा लिया 55 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने

6 Jun, 2019

भारतीय महावाणिज्य दूतावास हो ची मिन्ह सिटी वियतनाम, भारतीय व्यापार कक्ष वियतनाम और प्रमुख भारतीय संस्था परिकल्पना के संयुक्त तत्वावधान…

आगे पढ़ें
टोरंटो में लिट फेस्टिवल

टोरंटो में लिट फेस्टिवल

27 May, 2019

पिट्सबर्ग (अमेरिका) से हिंदी व अंग्रेज़ी भाषा में प्रकाशित होने वाली साहित्य मासिक पत्रिका सेतु द्वारा टोरंटो में लिट फेस्टिवल…

आगे पढ़ें
  • 340K

  • 234K

  • 123K

  • 12,123