कविता का मंच बनाम मंच की कविता: एक बैठक प्रसिद्ध कवि श्री आलोक श्रीवास्तव जी के साथ - साहित्य के रंग
कविता का मंच बनाम मंच की कविता: एक बैठक प्रसिद्ध कवि श्री आलोक श्रीवास्तव जी के साथ - साहित्य के रंग

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साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

एमी - 1

1 मुझे बाइक चलाना बहुत पसंद है। बहुत ज़्यादा। जुनून की हद तक। जब मैं एट स्टैंडर्ड में पहुँची तो स्कूल जाने के लिए फ़ादर ने लेडी बर्ड साइकिल दी। उन्हें यक़ीन था कि नई साइकिल पाकर मैं ख़ुश होऊँगी। आगे पढ़ें


दूसरा ब्रह्मा

‘महाराज कॉलेज ऑफ़ मैसूर’ में उसकी पहचान अत्यधिक सुंदर लड़की के रूप में की जाती थी। और वह थी भी वास्तव में बहुत ख़ूबसूरत और प्यारी। कुछ स्टूडेंट्स तो इस बात का भी दावा किया करते थे कि उसके जैसा आगे पढ़ें


ध्यान

पिछले कुछ दिनों से शालिनी की तबियत ख़राब चल रही थी। तब भी वह सुबह पाँच बजे उठकर दोनों बेटों व बेटी के स्कूल के लिए टिफ़िन बनाती, बच्चों को नाश्ता देती व बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजती। बच्चे आगे पढ़ें


प्रतिशत

कुछ महीनों से वह बहुत परेशान था... जब से कम्पनियों ने नई ऑनलाइन ख़रीद प्रणाली शुरू की थी उससे लिए जाने वाले उपकरणों की सप्लाई लगभग बंद हो चुकी थी। अच्छे भले चलते व्यवसाय को बैठता देख उसकी नींद उड़ आगे पढ़ें


बड़ा आदमी. . .?

आदित्य व मुकेश दोनों बहुत ही पक्के दोस्त थे। दोनों एक मोहल्ले के रहने वाले व एक ही स्कूल व एक ही क्लास में पढ़ते थे। आदित्य पढ़ने में बहुत परिश्रमी था पर मुकेश का मन पढ़ने में उतना नहीं आगे पढ़ें


मेंढकी

निम्मो उस दिन मालकिन की रिहाइश से लौटी तो सिर पर एक पोटली लिए थी, “मजदूरी के बदले आज कपास माँग लायी हूँ...” इधर इस इलाक़े में कपास की खेती जमकर होती थी और मालिक के पास भी कपास का आगे पढ़ें


मोह के धागे

शानी का मन आज किसी भी करवट चैन नहीं पा रहा था। अम्भुज एक हफ़्ते के लिए विदेश चले गए थे और राजू भी आज रात दोस्तों के पास रहने चला गया था। समस्या घिर आई कि घर में पसरे आगे पढ़ें


श्वेत सुंदरी

मैं जब भी बाज़ार जाता, अपने मित्र श्याम नारायण पांडेय की जनरल दुकान पर अवश्य बैठता। शाम होते ही गाँव जवार के लोग बाजार में पहुँचते थे। थोड़ी देर में ही अच्छी-ख़ासी भीड़ हो जाती। कुछ मित्रों से भेंट मुलाक़ात हो आगे पढ़ें


सुमतिराय की कविता

सुमतिराय के मन में काफ़ी दिनों से जो ऊहापोह चल रहा था, वह आज एक निश्चय में बदल गया। दरअसल सुमतिराय को कविताएँ लिखने का शौक़ है।उनकी कवितायें अनेक स्थानीय पत्र-पत्रिकाओं में जब तब छप भी जाती हैं। उनके विचार आगे पढ़ें


हक़

"यह जगह मेरी है इधर मैं ही सोऊँगा," पहला शेर गुर्राया। "नहीं यह जगह मेरी है इधर मैं सोऊँगा," दूसरे शेर ने भी ज़ोरदार दहाड़ लगाई। वहाँ पास से गुज़र रहे बूढ़े बंदर ने उन दोनों को देखा और फिर आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

नाना जंजाला

‘गृहकार्य नाना जंजाला’. . . बाबा तुलसीदास बरसों पहले कह गए हैं। मेरे जैसे लोगों को प्रतिदिन इसका एहसास होता है। कभी पंखा ख़राब, कभी नल। कभी सीलन की समस्या, कभी बाथरूम की। काम वाली की दिक्क़तें। सोसाइटी की मोटर आगे पढ़ें


भोलाराम की मुक्ति

हर सरकार के देश से भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के दावे सुन-सुन कर जब यमराज के कान पक गए, भोलाराम के जीव का इंतज़ार करते-करते आँखों में मोतिया आ गया तो उन्होंने एक पंथ दो काज सोचा कि क्यों ख़ुद आगे पढ़ें


मुर्गा रिटर्न्स 

“श्रीमान कलेक्टर महोदय जी,  हमारी पंचायत का सचिव बहुत आतंक फैलाये हुये है। गरीब जनता का काम नहीं करता है, रोजगार गारंटी योजना में काम नहीं खोलता है। यदि काम खोलता है तो अपने रिश्तदारों; चहेतों को ही काम पर आगे पढ़ें


लोग सड़क पर

"नानक नन्हे बने रहो, जैसे नन्ही दूब बड़े बड़े बही जात हैं, दूब खूब की खूब" श्री गुरुनानक देव जी की ये बात मनुष्यता को आईना दिखाने के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। ननकाना साहब में जिस तरह गुरुद्वारे को घेर आगे पढ़ें


आलेख

भवानी प्रसाद का व्यक्तित्व और कॄतित्व

 नयी कविता और प्रयोगवादी काव्यधारा के कवियों पर चिन्तन और मनन के बाद भवानी प्रसाद मिश्र का नाम एक ऐसे समर्थ गीतकार के रूप में सामने आता है जिन्होने सहज भाषा एवं गति शैली के माध्यम से दार्शनिक सिद्धान्तों एवं आगे पढ़ें


वे प्रणबद्ध हैं हिंदी की ज्योति को जलाए रखने के लिए...

प्रमाणपत्रों के संग आह्लादित छात्र - 1 वर्ष 1947 में जब भारत ने स्वतन्त्रता प्राप्त की, हज़ारों मील दूर सूरीनाम देश में कुछ लोग रेडियो, (जो उस समय सुलभ भी नहीं थे) के चारों ओर कान लगाए बैठे थे और आगे पढ़ें


समीक्षा

मानवीय संघर्ष की जिजीविषा से रूबरू कराता रोचक, दिलचस्प और प्रेरणादायी उपन्यास है 'कुबेर'   

मानवीय संघर्ष की जिजीविषा से रूबरू कराता रोचक, दिलचस्प और प्रेरणादायी उपन्यास है 'कुबेर'   

समीक्षित कृति : कुबेर    लेखिका : डॉ. हंसा दीप   प्रकाशक : शिवना प्रकाशन, पी.सी. लैब, सम्राट कॉम्प्लेक्स बेसमेंट, बस स्टैंड, सीहोर - 466001 (म.प्र.) आईएसबीएन नंबर : 978-93-87310-50-6 मूल्य   : 300 रूपए प्रकाशन वर्ष : 2019 उपन्यासकार आगे पढ़ें


शोधपरक विचारों का अविरल प्रवाह

शोधपरक विचारों का अविरल प्रवाह

पुस्तक : विचार प्रवाह लेखिका : डॉ. सुरंगमा यादव प्रकाशक : बुक पब्लिकेशन, लखनऊ मूल्य : 300/- पृष्ठ : 112 डॉ. सुरंगमा यादव की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ’विचार प्रवाह’ उनके समय-समय पर प्रकाशित कुल नौ शोधपरक आलेखों का संग्रह है। इन आगे पढ़ें


संवेदना में डूबी तरल कहानियाँ : कछु अकथ कहानी 

संवेदना में डूबी तरल कहानियाँ : कछु अकथ कहानी 

कथा संग्रह : कछु अकथ कहानी लेखिका : कविता वर्मा प्रकाशक : कलमकार प्रकाशन, जयपुर (राजस्थान) संस्करण : प्रथम, जून, 2019  मूल्य : 150 रुपये पृष्ठ : 96 हर कथाकार अकथनीय को कथनीय बनाने की जद्दोजेहद में लगा रहता है। आगे पढ़ें


संस्मरण

बुर्ज ख़लीफ़ा की शाम

बुर्ज ख़लीफ़ा की शाम

लैपटॉप के स्क्रीन पर कुछ पुरानी तस्वीरें देखते वक़्त यह ख़याल आया कि क्यों न इन तस्वीरों से जुड़ी यादों को अल्फ़ाज़ की शक्ल दी जाए और शुरुआत की यह यात्रा संस्मरण लिखने की। आज जिस शहर के सफ़र की आगे पढ़ें


सत्य पर मेरे प्रयोग: महात्मा गाँधी जी की आत्म कथा के अंश - 5 : दुखद प्रसंग

दुखद प्रसंग - 1 मैं कह चुका हूँ कि हाईस्कूल में मेरे थोड़े ही विश्वासपात्र मित्र थे। कहा जा सकता है कि ऐसी मित्रता रखनेवाले दो मित्र अलग-अलग समय में रहे। एक का संबंध लंबे समय तक नहीं टिका, यद्यपि आगे पढ़ें


सिक्किम की यात्रा - 1

सिक्किम की यात्रा - 1

मनुष्य जन्म एक प्रवासी का रहा है। जन्म से लेकर मृत्यु पर्यन्त वह एक सफ़र ही करता है। यह सफ़र ज़िन्दगी के साथ का होता है। मनुष्य अवतार मिला है, तो उसको व्यर्थ नहीं गँवाना चाहिए। कुदरत ने इतना सारा आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

23 Nov, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड का 11वां वार्षिकोत्सव   नवंबर 17, 2019 मिसीसागा -  टोरोंटो में पिछले ग्यारह वर्षों से अपने एक…

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शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

25 Oct, 2019

१९ अक्तूबर २०१९—हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी ब्रैम्पटन लाइब्रेरी के सभागार में संपन्न हुई। पतझड़ के मोहक रंगों से…

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हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

28 Sep, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने 14 सितम्बर 2019 को अपनी मासिक गोष्ठी में ‘हिंदी दिवस’ का सुन्दर आयोजन किया। यह कार्यक्रम…

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साहित्य जगत - भारत

वीरेन्द्र आस्तिक को 'साहित्य भूषण सम्मान'   

वीरेन्द्र आस्तिक को 'साहित्य भूषण सम्मान'   

31 Dec, 2019

लखनऊ : लखनऊ में सोमवार (दिसंबर 30, 2019) को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित…

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विशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2019 से सम्मानित हुए बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'

विशिष्ट प्रतिभा सम्मान 2019 से सम्मानित हुए बालसाहित्यकार ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'

31 Dec, 2019

राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित विनायक विद्यापीठ परिसर में “हम सब साथ साथ” के बैनर तले सातवाँ अंतरराष्ट्रीय सोशल मीडिया एवं…

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विश्वरंग – भोपाल में भव्य और सार्थक महोत्सव

विश्वरंग – भोपाल में भव्य और सार्थक महोत्सव

28 Nov, 2019

4 से 10 नवंबर के बीच भोपाल में टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव का भव्यतम आयोजन हुआ। हिंदी को…

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साहित्य जगत - विदेश

फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

15 Jan, 2020

११ जनवरी २०२०, फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका। "विश्व हिंदी दिवस" के सुअवसर पर सैक्रामेंटो तथा आस पास के क्षेत्रों…

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साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला पाठ्यक्रम में 

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला पाठ्यक्रम में 

16 Sep, 2019

सुपरिचित कुंडलियाकार एवं साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाओं​ को XSEED Education की पाठ्य-पुस्तकों में सम्मिलित किया गया है ।…

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कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

कहानी-पाठ एवं चर्चा - उर्मिला जैन का संग्रह ’मोन्टाना’ और कमला दत्त का ’अच्छी औरतें’

21 Jul, 2019

लंदन, 17 जुलाई 2019 – वातायन पोएट्री ऑन साउथ बैंक द्वारा नेहरु सेंटर-लंदन में एक विशेष साहित्यिक समारोह का आयोजन…

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