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    ब्रिटेन के प्रसिद्ध लेखक तेजेन्द्र शर्मा का रचना संसार
    ब्रिटेन के प्रसिद्ध लेखक तेजेन्द्र शर्मा का रचना संसार तेजेन्द्र शर्मा जी ब्रिटेन के प्रसिद्ध कहानीकार हैं। उनका नाम ब्रिटेन की ही नहीं अपितु.. आगे पढ़ें
हिन्दी चर्चा- राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय आयाम (लोकल से ग्लोबल)
साहित्य के रंग शैलजा के संग - हिन्दी चर्चा- राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय आयाम (लोकल से ग्लोबल)

साहित्य कुञ्ज के इस अंक में

कहानियाँ

इन खोपड़ियों से दिमाग़ नहीं लेंगे

उस आदमी ने अपनी बाएँ हाथ की खुली हथेली में चमक रहे पाम-गेजेट में दाहिने हाथ की अंगुली से ‘प्रतीक चिन्हों के द्वारा तीव्र लेखन’ और फिर ‘भ्रमण रिव्यू’ का विकल्प चुना। गेजेट में सबसे ऊपर तारीख़ और स्थान अपने आगे पढ़ें


तमाशा

कोरोना काल की इस संकट घड़ी में यदि भूख से कोई अधीर हो रहा है तो वो है मज़दूर। पहाड़ों को तोड़कर, ज़मीन की काटकर रास्ता बनाने वाला, कल-कारखानों में पसीना बहा पैसा कमाने वाला। सोशल मीडिया के इस दौर आगे पढ़ें


तालाबंदी

1. “छोटू, कल हमें नांदेड़ जाना है। तुम्हेंं याद तो है ना?” बापुराव ने कनारते हुए अपने कमज़ोर शरीर में बल भर कर अपने छोटे भाई विठ्ठल से कहा था। विठ्ठल ने अपने बड़े भाई को सम्मान पूर्वक जवाब देते आगे पढ़ें


नया पकवान

एक महान राजा के राज्य में एक भिखारीनुमा आदमी सड़क पर मरा पाया गया। बात राजा तक पहुँची तो उसने इस घटना को बहुत गम्भीर मानते हुए पूरी जाँच कराए जाने का हुक्म दिया। सबसे बड़े मंत्री की अध्यक्षता में आगे पढ़ें


पगड़ी 

हरभजन सिंह बेचैन थे। उनकी बेचैनी उनके कमरे की दीवारों को भेदती हुई पूरे घर में पसर रही थी। यहाँ तक नीचे रसोई में काम कर रही उनकी बहू गुरप्रीत भी उसे महसूस कर सकती थी। गुरप्रीत भी सुबह से आगे पढ़ें


मिरगी

उस निजी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग का चार्ज लेने के कुछ ही दिनों बाद कुन्ती का केस मेरे पास आया था। “यह पर्ची यहीं के एक वार्ड बॉय की भतीजी की है, मैम,” उस दिन की ओपीडी पर मेरे संग आगे पढ़ें


लोहे की जालियाँ

"देखिये, आप रोज़ कोई-न-कोई बात कह कर मुझे बहंटिया देते हैं, काम के बहाने टाल जाते हैं। कितनी बार कहा कि ऑफ़िस से लौटते वक़्त, अपने पुराने मकान-मालिक अवनीन्द्र बाबू के घर चले जाइये। मच्छरों, कीट-पतंगों से बचने वास्ते हमने आगे पढ़ें


सपनों में भी बसता मेरा वतन

"जहाँ हमारा ख़ून गिरा है, वह लद्दाख हमारा है।" बगल के पलंग पर दादी के साथ बैठी पोती ने अपनी दादी को झिंझोड़ते हुए कहा, "दादी, बब्बा जी नींद में न जाने क्या  बड़बड़ा रहे हैं!" पत्नी ने बड़बड़ाते हुए आगे पढ़ें


हास्य/व्यंग्य

अजर अमर वायरस 

अपने पड़ोसी के इस दम पर कि उनके होते हुए उनका विभाग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा, मीटर डेड होने के बाद अब जितनी चाहे बिजली फूँक डियर! जब तक वे यहाँ हैं, बिजली का बिल औसत से भी कम आगे पढ़ें


अवसाद में मेरा टामी

टामी नाम पढ़ते-देखते ही आप समझ गए होंगे कि अवसाद का मारा कौन है? आपके सूँघने की शक्ति को भगवान बरक़रार रखे या कहूँ कि मेरे टामी से सौ गुना तो कम-से-कम ज़्यादा रखे! उस दिन मार्निंग-वाक को निकला था, आगे पढ़ें


टिंडा की मक्खी 

टिंडा के जन्म के समय उसकी माँ को सुरक्षा व निजता की दृष्टि से इस कॉलोनी की फ़र्शी से ढकी नाली के नीचे उतरना पड़ा था। टिंडा और उसके साथ जन्म लिये पाँच अन्य भाई-बहिनों की मातृभूमि यही नाली थी। आगे पढ़ें


पुलिया के सौंदर्य के सम्मोहन के आगे बेचारे पुल की क्या बिसात!!!

पुलिया, पुल का छोटा रूप है। यह पुल की विराटता-भयावहता के विपरीत सूक्ष्मता और कोमलता का प्रतीक है। जहाँ पुल सिर्फ़ बड़ी-बड़ी नदियों के ऊपर ही बनाए जाते हैं, वहीं पुलिया छोटे-मोटे सभी नदी-नालों के ऊपर बन जाती है। यह आगे पढ़ें


आलेख

घासलेटी आन्दोलन और ’उग्र’

पांडेय बेचन शर्मा ‘उग्र’ हिन्दी साहित्य में एक विद्रोही कथाकार के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने ऐसे समय में लिखना आरम्भ किया था, जब हिन्दी साहित्य में ‘आदर्शवाद’ का बोलबाला था। साहित्य यथार्थ से अधिक कल्पना में लिखा जा आगे पढ़ें


तेलुगु सिनेमा ‘मालपिल्ला’ में दलित विमर्श

गूढवल्ली रामब्रह्मम तेलुगु के एक ऐसे युगद्रष्टा फ़िल्मकार थे जिन्होंने सिनेमा की अर्थवत्ता को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर उसे समाज कल्याण हेतु विचारों को उद्दीप्त करने का सशक्त माध्यम बना दिया। जिस प्रकार किसी भी कृति को समझने आगे पढ़ें


दुर्वासा आपमें भी हैं!

(दैनिक आज, वाराणसी, 21 अगस्त 1960)   एक बार स्वर्ग में विराट् यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी ऋषि-मुनि और देवी-देवता उपस्थित हुए। निश्चित समय पर वेदपाठ आरम्भ हुआ, सारा वातावरण मन्त्रोच्चार की मधुर ध्वनि से गूँज आगे पढ़ें


भारतीय जीवन मूल्य

भारत दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। इस तथ्य के कारण, भारत में नैतिक शास्त्रों का एक विशाल भंडार है, जिसने युगों से हमारी सभ्यता का मार्गदर्शन किया। भारतीय नैतिकता की नींव समाज की पूजा, प्रार्थना और आगे पढ़ें


हिंदी में शब्द व्याकरण (Word Grammar) के लिए कृत्रिम बुद्धि (AI) का उपयोग

विश्व भर के भाषावैज्ञानिक और कंप्यूटर विशेषज्ञ आज यह स्वीकार करने लगे हैं कि शब्द एक बीज के समान है, जिसमें संपूर्ण वृक्ष के रूप में वाक्य को पुष्पित, पल्लवित और विकसित करने की क्षमता निहित है। शब्द व्याकरण (Word आगे पढ़ें


समीक्षा

भोजपुरी कहानियों की अनुपम भेंट : अगरासन - कृपी कश्यप

भोजपुरी कहानियों की अनुपम भेंट : अगरासन - कृपी कश्यप

समीक्ष्य पुस्तक: अगरासन (कहानी संग्रह) लेखक: गोरख प्रसाद ’मस्ताना’ प्रकाशक: जे-बी एस पब्लिकेशन (इंडिया) अंसारी रोड, नई दिल्ली मूल्य: ₹100 कहानी एक कथात्मक विद्या है जो घटना, भाव, और भावना की शृंखला पर आधारित होती है। कथा-वस्तु जिस भी घटना आगे पढ़ें


संस्मरण

खीर का अंक गणित

उस दिन घर में साबूदाना की खीर बनी थी। छोटी बेटी को साबूदाना की खीर पसंद नहीं, सो उसके लिए चावल की भी खीर बनी। सब लोग खाना खाने बैठे तो डाइनिंग टेबल सबको साबूदाने की और छोटी बिटिया को आगे पढ़ें


बचपन की वह रोमांचकारी घटना

लगभग 35-36 वर्ष पहले की बात है,जब मैं 10-12 वर्ष का बालक था। चैत का महीना था। खेतों और खलिहानों में समृद्धि के उत्सव गीत गाये जा रहे थे। गाँव (गर्रेही) लगभग पाँच कोस दूर (लगभग 12-13 कि.मी.) बेतवा (नदी) आगे पढ़ें


माँ होती है अन्तर्यामी

इस बात को मैंने महसूस किया है कि माँ अन्तर्यामी ही होती है। बात उन दिनों की है जब मैं महिला कल्याण निगम के श्रमजीवी महिला आवास लखनऊ में बतौर सुपरिंटेंडेंट कार्यरत थी। छोटी उम्र में बड़ी ज़िम्मेदारी निभाने वाला आगे पढ़ें


नाटक

आँख

पहला दृश्य (मेज़ के आगे कुर्सी लगाए एक मध्यमवर्गीय किशोरी पढ़ाई कर रही है। उसकी एक हमउम्र ग़रीब लड़की भी वहीं खड़ी है।)   दीप्तिः बेकार प्लास्टिक से रेलगाड़ी की पटरी के स्लीपर बनाए जा सकते हैं। इस तरह बने आगे पढ़ें


अन्य

तकनीकी कार्यशाला - 02 'विंडोज़ 10 : कितना जाना, कितना अनजाना' विषयक तकनीकी कार्यशाला संपन्न

तकनीकी कार्यशाला - 02 'विंडोज़ 10 : कितना जाना, कितना अनजाना' विषयक तकनीकी कार्यशाला संपन्न

वैश्विक हिन्दी परिवार तकनीकी कार्यशाला - 02 'विंडोज़ 10 : कितना जाना, कितना अनजाना' विषयक तकनीकी कार्यशाला संपन्न हैदराबाद – पहले हम सब कार्य मैनुअल रूप से ही करते थे। चाहे जनसंख्या गणना हो या चाहे किसी दस्तावेज़ को लिखकर आगे पढ़ें


भाषा विमर्श शृंखला - 001 भारत की भाषाओं पर आसन्न संकट

भाषा विमर्श शृंखला - 001 भारत की भाषाओं पर आसन्न संकट

वैश्विक हिन्दी परिवार भाषा विमर्श शृंखला - 001 दिनांक 14.06.2020 को माननीय श्री राहुल देव जी के साथ भाषा विमर्श कार्यक्रम पर रिपोर्ट   दिनांक 14 जून, 2020 को अक्षरम (भारत), वातायन (यू.के.), हिंदी राइटर्स गिल्‍ड (कनाडा) और झिलमिल (अमेरि‍का) आगे पढ़ें


भाषा विमर्श शृंखला - 002 उच्च शिक्षा और भारतीय भाषाएँ

भाषा विमर्श शृंखला - 002 उच्च शिक्षा और भारतीय भाषाएँ

वैश्विक हिन्दी परिवार भाषा विमर्श - 002 'उच्च शिक्षा और भारतीय भाषाएँ' पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार संपन्न हैदराबाद – भारत सरकार ने उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के स्तर की पाठ्य सामग्री को आठवीं आगे पढ़ें


भाषा विमर्श शृंखला - 003 'भारत में व्याप्त भाषा भ्रम' पर वेबिनार संपन्न

भाषा विमर्श शृंखला - 003 'भारत में व्याप्त भाषा भ्रम' पर वेबिनार संपन्न

वैश्विक हिन्दी परिवार भाषा विमर्श - 03 'भारत में व्याप्त भाषा भ्रम' पर वेबिनार संपन्न हैदराबाद – भारत बहुभाषिक एवं बहुसांस्कृतिक देश है। और अकसर यह कहा जाता है कि इस अनेकता में एकता विद्यमान है। लेकिन इस बात को आगे पढ़ें


कविताएँ

शायरी

समाचार

साहित्य जगत - कैनेडा

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

शिशिर की एक शाम, नृत्य-नाट्योत्सव के नाम

23 Nov, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड का 11वां वार्षिकोत्सव   नवंबर 17, 2019 मिसीसागा -  टोरोंटो में पिछले ग्यारह वर्षों से अपने एक…

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शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

शरद्‌ काव्योत्सव मासिक गोष्ठी - अक्तूबर 2019

25 Oct, 2019

१९ अक्तूबर २०१९—हिन्दी राइटर्स गिल्ड की मासिक गोष्ठी ब्रैम्पटन लाइब्रेरी के सभागार में संपन्न हुई। पतझड़ के मोहक रंगों से…

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हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

हिन्दी हैं हम, चाहे, कोई वतन हमारा…..

28 Sep, 2019

हिन्दी राइटर्स गिल्ड ने 14 सितम्बर 2019 को अपनी मासिक गोष्ठी में ‘हिंदी दिवस’ का सुन्दर आयोजन किया। यह कार्यक्रम…

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साहित्य जगत - भारत

अनिल शर्मा केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के नए उपाध्यक्ष 

अनिल शर्मा केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के नए उपाध्यक्ष 

30 Jun, 2020

27 जून 2020 (भारत): मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने अनिल कुमार शर्मा को केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल का…

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डिजिटल संप्रेषण और साहित्य पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार संपन्न

डिजिटल संप्रेषण और साहित्य पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार संपन्न

5 Jun, 2020

हैदराबाद, 1 जून 2020 हिंदी हैं हम विश्व मैत्री मंच, हैदराबाद के तत्वावधान में 1 जून, 2020 को मध्याह्न 3…

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संक्रामक समय में आशावादी लघुकथाओं का आयोजन

संक्रामक समय में आशावादी लघुकथाओं का आयोजन

28 May, 2020

 क्षितिज संस्था की संकल्पना क्षितिज साहित्य मंच, इंदौर के द्वारा दिनांक 26 मई 2020 शनिवार शाम 4:00 बजे एक ऑनलाइन…

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साहित्य जगत - विदेश

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

ढींगरा फ़ैमिली फ़ाउण्डेशन, अमेरिका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा सम्मान तथा शिवना प्रकाशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कथा-कविता सम्मान घोषित

28 May, 2020

(सभी सम्मान लेखिकाओं को) ममता कालिया, उषाकिरण ख़ान, अनिलप्रभा कुमार, प्रज्ञा, रश्मि भारद्वाज तथा गरिमा संजय दुबे होंगे सम्मानित ढींगरा…

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डॉ. सुषम बेदी की स्मृति में भावपूर्ण ज़ूम श्रद्धांजलि सभा 

डॉ. सुषम बेदी की स्मृति में भावपूर्ण ज़ूम श्रद्धांजलि सभा 

25 May, 2020

दिनांक 15 मई, 2020 को शीर्ष प्रवासी साहित्यकार श्रीमती सुषम बेदी की स्मृति में वैश्विक हिंदी परिवार (वाटस्एप समूह) द्वारा…

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फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया में 'रचनात्मिका - हिंदी साहित्य मंच' का गठन

15 Jan, 2020

११ जनवरी २०२०, फ़ॉल्सम, कैलिफ़ोर्निया, संयुक्त राज्य अमेरिका। "विश्व हिंदी दिवस" के सुअवसर पर सैक्रामेंटो तथा आस पास के क्षेत्रों…

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