17-02-2017

जब आँखों से आ रहा था प्यार

महेश रौतेला

जब आँखों से आ रहा था प्यार
तो आने क्यों नहीं दिया,
जब पैरों से चल रहा था प्यार
तो चलने क्यों नहीं दिया,
जब मन में झूम रहा था प्यार
तो नाचने क्यों नहीं दिया,
जब हाथों से निकल रहा था प्यार
तो बढ़ने क्यों नहीं दिया,
जब गीतों में आ रहा था प्यार
तो गाने क्यों नहीं दिया,
जब देश के लिये उठ रहा था प्यार
तो फहरने क्यों नहीं दिया,
जब आँखों से आ रहा था प्यार
तो कह क्यों नहीं दिया?

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