तुम मुझे ललकार लो मैँ यहाँ हूँ, चुनौतियों का पहाड़ दो मैं खड़ा हूँ, हारता हूँ पर जीत तक पहुँचता हूँ, नींद में हूँ पर जागने को सोया हुआ हूँ, रुका हुआ हूँ पर दौड़ में शामिल हुआ हूँ, थका हुआ हूँ पर क़दम-क़दम पर गिना गया हूँ।