मैं चमकता सूरज नहीं

15-02-2017

मैं चमकता सूरज नहीं

महेश रौतेला

मैं चमकता सूरज नहीं
पर चमक लिये तो हूँ,
मैं चमकता चंद्र नहीं
पर स्पष्ट दिखता तो हूँ,
मैं बहती नदी सा नहीं
पर बहाव तो हूँ,
मैं पहाड़ सा नहीं
पर अडिग तो हूँ,
मैं वृक्ष सा नहीं
पर फलदार तो हूँ,
मैं फूल सा नहीं
पर ख़ुशबूदार तो हूँ।

0 Comments

Leave a Comment

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
कहानी
विडियो
ऑडियो