तू अगर चल राह मेरी क़ायदा हो जाएगा

01-04-2026

तू अगर चल राह मेरी क़ायदा हो जाएगा

सुशील यादव (अंक: 294, अप्रैल प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

रमल मुसम्मन महज़ूफ़
फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाइलुन
 
2122    2122    2122    212
 
तू अगर चल राह मेरी क़ायदा हो जाएगा
और रिश्तों का शजर देखो हरा हो जाएगा
 
जो तबीयत में उदासी छाई रहती है तिरे
सच कहूँ बीमार को अब फ़ायदा हो जाएगा
 
ज़िन्दगी दुश्वारियों का दूसरा ही नाम है
शोहरतों की ज़िद हुई तो तहलका हो जाएगा
 
भूत तेरा बस दफ़न कर दे, अगर निकला कहीं
तो जमाने में हंगामा सा खड़ा हो जाएगा
 
मत समझ अपने को ऊँचे ओहदों वाला कभी
कर तजुर्बा और हासिल क़द बड़ा हो जाएगा

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