प्यार के तुम ख़त लिखो

15-03-2026

प्यार के तुम ख़त लिखो

सुशील यादव (अंक: 294, मार्च द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

(आज़ादी के सपूत भगत सिह, राजगुरु। व सुखदेव के फाँसी दिवस 23मार्च पर सादर श्रद्धा सुमन)


रमल मुसम्मन महज़ूफ़
फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाएलातुन फ़ाइलुन

2122    2122    2122    212
 
प्यार के तुम ख़त लिखो, लाखों तरीक़े हो गए
अब शिकायत क्या करें, जब कान बहरे हो गए
 
अजनबी कोई क्यों जानेगा, हमें भी आजकल
जान दुश्मन ये पड़ौसी, ख़ास हिस्से हो गए
 
आज आज़ादी की क़ीमत है किसे मालूम भी
वो भगत क्या, राजगुर, सुखदेव जैसे हो गए
 
शीश माँ चरणों चढ़ाने कोई पैदा लाल था
हँस के भारत पर जवानी दे वे क़िस्से हो गए
 
आदमी हैवानियत की ख़ुद मिसालें बन रहा
दागता बारूद कितने क्रूर बौने हो गए

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