दयानंद मतवाला 

15-05-2026

दयानंद मतवाला 

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा (अंक: 297, मई द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

आर्य समाज की विचार क्रांति का फैला नया उजाला। 
सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला॥
 
आडंबरों का हुआ ख़ात्मा, विचार क्रांति है आई, 
समाधान वैज्ञानिक पाकर, दुनिया में उमंग है छाई, 
वेदों का ज्ञान है सच्चा, तम को हरने वाला। 
सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला॥
 
ऋषिवर की दिव्य चेतना, ज्ञान की ज्योति जली है, 
उपदेश दिए अद्भुत, दया-धर्म की सीख मिली है, 
हर भटके मनुज को राह दिखाई, ऐसा किया उजाला। 
सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला॥
 
देव दयानंद कह रहे जग से, जागें और जगाएँ, 
वैदिक साहित्य स्थापित करके, पढ़कर स्वयं पढ़ाएँ, 
सभी बुराइयों का है अब, अंत जगत से होने वाला। 
सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला॥
 
वैदिक साहित्य सबका हित करे, ऋषिवर की प्रिय वाणी, 
जिसने माना सच्चे ईश्वर को, हुई पावन गति कल्याणी, 
वेदों का संदेश लेकर आया, दयानंद मतवाला। 
सत्यार्थ प्रकाश है ग्रंथ ऐसा, बुद्धि बदलने वाला॥

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