सारा संसार 

01-04-2025

सारा संसार 

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा (अंक: 274, अप्रैल प्रथम, 2025 में प्रकाशित)

 

विपदाओं के बादल तो उमड़ते-घुमड़ते रहेंगे 
हँसना न छोड़िए, मुस्कुराना न छोड़िए। 
 
शंकाओं के शूल हमेशा मन-मस्तिष्क में चुभते रहेंगे 
ज्ञान का प्रकाश लेने के लिए तत्पर रहिए। 
 
सभी पीड़ाओं का होगा अंत निश्चित ही, 
ईश्वर का सहारा सदैव लेते रहिए। 
 
लड़ना है तो लड़िए अंधकार से, अधर्म से 
सूर्य सा तेजवान बनकर धरती के कष्ट हरिए। 
 
उर मंदिर में दया, धर्म, कर्त्तव्य को बिठाइए 
सारा संत्रास दुनिया से मिटाइए। 
 
मानव मानवता का जब पाठ पढ़ेगा 
शांत, सुखी, समृद्ध सारा संसार होगा। 

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