दादू से मुलाक़ात 

15-09-2026

दादू से मुलाक़ात 

डॉ. सत्यवान सौरभ (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

दादू से जब मिल गया, नन्हा-सा प्रज्ञान। 
बाँहों में भर प्यार से, खिल उठा अरमान॥
 
दादू बोले आ गया, मेरा प्यारा लाल। 
देख तुम्हें ख़ुश हो गया, मन में मची धमाल॥
 
दादू संग जब बैठकर, बाते करे हज़ार। 
नन्हे-नन्हे प्रश्न पर, दादू का दुलार॥
 
दादू ने फिर हाथ में, थामा अपना हाथ। 
प्यार भरी उस छाँव में, खिल उठे जज़्बात॥
 
दादू की गोदी मिली, मिला अनोखा प्यार। 
उनकी मीठी बात में, ख़ुशियों की बौछार॥
 
दादू बोले सीखना, सच की रखना लाज। 
मेहनत करके एक दिन, करना अपना राज॥
 
नन्हा बोला दादू से, फिर आऊँगा पास। 
आप रहो ख़ुश सदा, यही रहे अरदास॥
 
दादू का आशीष जब, सिर पर रहे महान। 
छोटे क़दमों से बढ़े, ऊँचा हो सम्मान॥
 
पीढ़ी से पीढ़ी तक रहे, रिश्तों में विश्वास। 
दादू जैसा प्यार हो, जीवन में मधुमास॥

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