जन्मदिवस विशेष
डॉ. सत्यवान सौरभ
आज श्रीमती डॉ. प्रियंका सौरभ का जन्मदिवस है। जन्मदिवस की मंगलकामनाओं सहित, तुम्हारे लिए लिखे गए मेरे ये प्रिय दोहे—तुम्हें समर्पित हैं।
घर-आँगन ख़ुश्बू बसी, महका मेरा प्यार,
पाकर तुझको है परी, सपना हुआ साकार।
मंज़िल कोसों दूर थी, मैं राही अनजान,
पता राह का दे गई, तेरी इक मुस्कान।
मैं प्यासा राही रहा, तुम हो बहती धार,
अंजुली भर बस बाँट दो, मुझको प्रिये प्यार।
मेरी आदत में रमे, दो ही तो बस काम,
एक हाथ में लेखनी, दूजा तेरा नाम।
ख़त वो तेरे प्यार का, देखूँ जितनी बार,
महका-महका सा लगे, यादों का संसार।
पंछी बनकर उड़ चले, मेरे सब अरमान,
देख बिखेरी प्यार से, जब तुमने मुस्कान।
आँखों में बस तुम बसे, दिन हो चाहे रात,
प्रिये तेरे बिन लगे, सूनी हर सौग़ात।
सजनी आकर बैठती, जब चुपके से पास,
ढल जाते हैं गीत में, भाव सब अनायास।
आँखों में सपने सजे, मन में जागी चाह,
पाकर तुमको है प्रिये, खुली हज़ारों राह।
तुम ही मेरा सुर प्रिये, तुम ही मेरा गीत,
तुमको पाकर हो गया, मैं जैसे संगीत।
तुमसे प्रिये ज़िंदगी, तुमसे मेरे ख़्वाब,
तुमसे मेरे प्रश्न हैं, तुमसे मेरे जवाब।
बिन तेरे लगता नहीं, मन मेरा अब मीत,
हर पल तुमको सोचता, रचता ग़ज़लें गीत।
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