कैलेंडर

01-01-2026

कैलेंडर

डॉ. सत्यवान सौरभ (अंक: 291, जनवरी प्रथम, 2026 में प्रकाशित)

 

कोई दस्तक दे रहा है
दरवाज़े पर। 
दिल ने आदतन
तुम्हारा नाम लिया। 
 
उम्मीद ने झिझकते हुए
कुंडी हिलाई, 
यादों ने खिड़की से
झाँककर देखा। 
 
मगर बाहर
न तुम्हारी आहट थी, 
न वही चुप्पी
जो सिर्फ़ तुम लाते थे। 
 
बाहर खड़ा था
चमकदार झूठ, 
हाथ में कैलेंडर, 
होंठों पर मुस्कान। 
 
कितना अजीब है—
समय आता रहा, 
साल बदलते रहे, 
तुम नहीं आए। 

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