बारिश में सफ़र

15-09-2026

बारिश में सफ़र

डॉ. सत्यवान सौरभ (अंक: 302, सितम्बर द्वितीय, 2026 में प्रकाशित)

 

बारिश में पापा संग, 
निकला नन्हा लाल। 
बूँदें बरसीं झमाझम, 
मौसम हुआ कमाल॥
 
खिड़की से बाहर दिखे, 
पेड़ न्यारे-न्यारे। 
बादल नभ में घूमते, 
लगते कितने प्यारे॥
 
शीशे पर बूँदें पड़ीं, 
करतीं टप-टप गान। 
देख-देखकर ख़ुश हुआ, 
नन्हा प्यारा जान॥
 
सड़क किनारे जल भरा, 
चमकी बूँदों धार। 
बारिश में यह सफ़र भी, 
बड़ा सुहावन यार॥
 
पापा संग जब सफ़र हो, 
ख़ुशियों का संसार। 
बारिश वाली राह भी, 
लगती ख़ूब बहार॥

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