मक्कारों की सूची

15-09-2021

मक्कारों की सूची

राजनन्दन सिंह

गाँव में
बड़ी-बड़ी मक्कारियों को
अंजाम दे
छुपे हुए
आराम से गुमनाम 
बहुत से नमकहराम
बिना दंड बिना भय
बेरोक-टोक बेलगाम 
गाँव की अंधता पर
मुस्कुरा रहे हैं . . . ठठा1 रहे हैं
बिना मुँह छिपाए
अपने अपराधों की सफलता का
लुत्फ़े जश्न उठा रहे हैं
 
इसलिए एक सूची
उन धूर्त मक्कारों की भी
बनवाई जाए
राष्ट्रीय दैनिक अख़बारों में 
छपवाई जाए
देर ही सही
यह ज़रूरी है
उनकी धूर्तता से परदा हटे
उनकी मक्कारी
अब पूरे गाँव को बताई जाए
 
1. ठठाना=ठहाके से हँसना
 

1 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
किशोर साहित्य कविता
हास्य-व्यंग्य कविता
दोहे
सम्पादकीय प्रतिक्रिया
बाल साहित्य कविता
नज़्म
विडियो
ऑडियो

विशेषांक में