बोलने की होड़ है

01-05-2020

बोलने की होड़ है

राजनन्दन सिंह

कौन कितना बोलता है
बोलने पर ज़ोर है
करना धरना कुछ नहीं है
बोलने की होड़ है
जो जितना ज़्यादा बोले वो
दबंग है मुँहज़ोर है
कम बोले और शांत रहे वो 
दब्बू है कमज़ोर है
बोलने से जुड़ा हुआ है
पैमाना विकास का
चुप रहे और काम करे यह
विषय नहीं विश्वास का
कान बड़ा है बुद्धि छोटी
भाषण सुन विभोर है
करना धरना कुछ नहीं है
बोलने की होड़ है

0 टिप्पणियाँ

कृपया टिप्पणी दें

लेखक की अन्य कृतियाँ

कविता
किशोर साहित्य कविता
बाल साहित्य कविता
हास्य-व्यंग्य कविता
नज़्म
विडियो
ऑडियो