रोहित उस दिन दोपहर में अपने दोस्त रवि के बेटे के मुंडन संस्कार में गया तो उसे पहली बार पता चला कि रवि की तीन बहनें हैं। दरअसल, जब रोहित रवि के घर पहुँचा तो उस वक़्त उसकी तीन बहनें अपने-अपने पति के साथ वहाँ मौजूद थीं। 

कुछ देर में रोहित को यह अंदाज़ा भी हो गया कि उसके तीन जीजाओं के आर्थिक हालात एक-दूसरे से क़तई अलग हैं। ख़ैर, मुंडन संस्कार संपन्न होने के बाद सभी अतिथियों और परिवार के लोगों ने दोपहर का भोजन किया। कुछ देर बाद मुंडन संस्कार में आए लोग विदा होने लगे। जब अड़ोसी- पड़ोसी सब चले गए तो अब बहनों को विदा करने की बारी आई। 

सबसे पहले रवि के बड़े जीजा अपनी पत्नी के साथ जब घर से निकले तो रवि के परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें वहीं खड़े-खड़े विदा कर दिया। मालूम हुआ कि वे रिक्शे से जायेंगे क्योंकि उनका घर वहाँ से सिर्फ़ दो किलोमीटर दूर है। उसके बाद रवि की मँझली बहन और उसके पति विदा हुए। उन्हें विदा करने घर के लोग घर के मुख्य दरवाज़े तक आए। सामने उसके जीजा की बाइक खड़ी थी। वे दोनों अपने रॉयल एनफ़ील्ड बाइक पर बैठकर रवाना हुए तो अब सभी लोग वापस लौटकर रवि की सबसे छोटी बहन और उसके पति की विदाई में लग गए। इस बार घर के सभी सदस्य उनके साथ घर की चारदीवारी के बाहर खड़ी उनकी सेडान स्विफ्ट डिज़ायर कार तक आए और जब वे कार में बैठ गए तो उनसे तब भी कुछ देर तक बतियाते रहे। उस दिन यह सब देखकर रोहित समझ गया कि घर आए मेहमानों की विदाई के तौर-तरीक़े भी उनकी हैसियत पर निर्भर करते हैं। 

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