लोगों की ज़ुबान
सुनील कुमार शर्मा
वह शराब पी-पीकर पत्नी को प्रताड़ित किया करता था। एक दिन अचानक उसकी पत्नी भगवान् को प्यारी हो गई।
उसने पत्नी की चिता पर क़सम खाई कि आगे से वह कभी शराब का सेवन नहीं करेगा।
शराब पिये बिना एक दिन भी न रहने वाले बदलू ने, वास्तव में शराब छोड़ दी। उसने पत्नी की बरसी तक शराब को हाथ भी नहीं लगाया . . .
फिर लोगों ने कहना शुरू कर दिया, ”यह मुआ पत्नी को जलाने के लिए शराब पीता था; जो अब इसने पीनी छोड़ दी है . . . क्या अब वो देख रही है? उसके जीते जी छोड़ता तो वह चार दिन सुख से जीत लेती . . .”
जब बदलू ने ऐसी बातें सुनीं तो उसने पहले से भी ज़्यादा पीनी शुरू कर दी। लोगो की तो ज़ुबान चल गई; पर अब बदलू की जवान होती बेटियाँ प्रताड़ित हो रही हैं।
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