हिंदुस्तान महान है
डॉ. प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
वो है दीवाने सरहद के,
वह है मस्ताने मिट्टी के।
मन में उनके खोट नहीं,
द्वेष नहीं कोई दोष नहीं।
फ़ौजी हिंद के रक्षक हैं,
वो भारत के संरक्षक है।
तिरंगा उनकी जान है,
मान है स्वाभिमान है।
भारत माँ का ज्ञान है,
स्वदेश मेरा अभिमान है।
जीवन एक उत्साह है
रक्त में जुनून, उमंग है।
घर परिवार से पहले,
देश पर देह बलिदान है।
झुकना हमें मंज़ूर नहीं,
विश्व शान्ति का पैग़ाम है।
तीन रंगों से रँगा हुआ
अपना न्यारा हिंदुस्तान है।
सब धर्मों को आत्मसात कर,
बना हिंदुस्तान महान है।
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